गद्य गुँजन पत्र लेखन माँ का पत्र पुत्री के नाम हिंदी का महत्व बताते हुए – Juli kumari

माँ का पत्र पुत्री के नाम हिंदी का महत्व बताते हुए – Juli kumari



प्रिय बेटी ,

मेरा प्यार भरा नमस्कार !

तुम्हे यह पत्र लिखते हुए मेरा मन भावुक है | कल मेरी बात तुम्हारे हिंदी के शिक्षक से हुई तो मुझे पता चल कि सारा विषय तुम्हारा सही है पर हिंदी विषय औसत है | मैं चाहती हूँ कि तुम हमेशा अपने जीवन में अपने संस्कारों एवं अपनी भाषा को कभी न भूलो | ” हिन्दी” हमारी मातृभाषा , केवल संवाद का माध्यम ही नहीं बल्कि यह हमारी संस्कृति , हमारी परम्पराओं और हमारी दिल की भावना की पहचान है | 

                  बेटी हिंदी जानना और सच्चे मन से अपनाना तुम्हारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है | हिंदी तुम्हें अपने देश के साहित्यिक धरोहरों से जोर कर रखता है |  हिंदी हमारे दैनिक जीवन में संवाद का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है | यह गाँव और शहर सभी जगहों पर एवं पूरे देशवासियों को आपस में जोर कर रखती है | भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार हिंदी भारत की राजभाषा है , और अंग्रेजी को एक सहायक आधिकारिक भाषा के रूप में किया जाता है | 

                  हिंदी में हमारी भावनाएं , प्रेम , सम्मान और स्नेह आसानी से व्यक्त किए जा सकते हैं | यह हमारी सोच और विचारों को सही ढंग से व्यक्त करने में मदद करती है | इसलिए तो हिंदी भाषा का महत्व भारत कि सांस्कृतिक विरासत ,सामाजिक एकता और राष्ट्रीय पहचान में निहित है और हिन्दी पूरे विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है और भारत के विविध भाषाई परिदृश्य में एकता का प्रतीक है | हिंदी भाषा में निपुणता विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से सरकारी , मीडिया और व्यापार में रोजगार के अवसर पैदा करती है| 

               हमें सदा यह बात याद रखनी चाहिए कि हिंदी राष्ट्रीय एकता , प्रेम और भाईचारे की भाषा है | वही भारत की भारती है | इसलिए हिंदी का अध्ययन करने में हमें गौरव का अनुभव होना चाहिए| मुझे विश्वास है कि तुम राष्ट्रभाषा की पढ़ाई अच्छे से करोगी और अपने दैनिक व्यवहार में हिंदी का आधिकारिक  प्रयोग करोगी| 

        शुभकामनाओं के साथ ,              

                                                    तुम्हारी माँ 

                                                       जुली

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply