हर वर्ष 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल शिक्षकों को सम्मान देने का अवसर[...]
Category: आलेख
विश्व शिक्षक दिवस.. गिरींद्र मोहन झाविश्व शिक्षक दिवस.. गिरींद्र मोहन झा
5 अक्टूबर, 2026 के अवसर पर © शिक्षक बने प्रेरणास्रोतआलेख: गिरीन्द्र मोहन झा(स्वरचित) आज गुरु और शिक्षक शब्द एक-दूसरे के[...]
सत्य और अहिंसा : गिरीन्द्र मोहन झासत्य और अहिंसा : गिरीन्द्र मोहन झा
सत्य और अहिंसा हमारे भारतीय सनातन परम्परा की पुरातन अवधारणा है। वेद कहता है – एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति[...]
गांधी जी और शास्त्री जी : दो युग, एक राष्ट्रधर्म :- उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’गांधी जी और शास्त्री जी : दो युग, एक राष्ट्रधर्म :- उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’
भारत के इतिहास में 2 अक्टूबर का दिन एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन देश की दो महान विभूतियों[...]
युगपुरुष महात्मा गाँधी : आशीष अम्बरयुगपुरुष महात्मा गाँधी : आशीष अम्बर
” आने वाली पीढ़ियाँ शायद मुश्किल से ही यह विश्वास कर सकेंगी कि गाँधीजी जैसा हाड़ – माँस का पुतला[...]
बच्चों की पुस्तक कैसी होनी चाहिए : मो. ज़ाहिद हुसैनबच्चों की पुस्तक कैसी होनी चाहिए : मो. ज़ाहिद हुसैन
– मो. ज़ाहिद हुसैन प्रधानाध्यापक उत्क्रमित मध्य विद्यालय मलह विगहा,चंडी,नालंदा [...]
पितृपक्ष विशेष : गिरीन्द्र मोहन झापितृपक्ष विशेष : गिरीन्द्र मोहन झा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीरामचन्द्र जी के पूर्वज राजर्षि भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार एवं कल्याण के लिए[...]
भगजोगनी : अरविंदभगजोगनी : अरविंद
जब अंधेरी रात जवान होती, तब जंगलों की खामोशियाँ गहरी हो जातीं, आसमान में बादलों का पहरा होता और ज़मीन[...]
लेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हालेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हा
लेखनी चलती है—न चाहने पर भी। कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जिनका स्मरण आते ही लेखनी स्वयं उनके व्यक्तित्व, कृतित्व,[...]
शिक्षक और विद्यार्थी : गिरीन्द्र मोहन झाशिक्षक और विद्यार्थी : गिरीन्द्र मोहन झा
शिक्षक के तीन प्रमुख गुण: [...]