माँ दुर्गा का प्राकट्य—क्यों, कब और किसलिए? -उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक “माँ दुर्गा का प्राकट्य—क्यों, कब और किसलिए? -उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक “

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प्रस्तावना भारतीय संस्कृति में माँ दुर्गा केवल आराधना की देवी नहीं, बल्कि शक्ति, साहस, करुणा और धर्म की रक्षा की[...]

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जिंदगी के चरण : धर्मेंद्र कुमार ठाकुरजिंदगी के चरण : धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

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मैंने हिंदी वर्णमाला के अक्षरों (ज से म) के माध्यम से जिंदगी के सफर और उसके विभिन्न चरणों का बहुत[...]

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नेट अच्छा या किताब… पूनम कुमारीनेट अच्छा या किताब… पूनम कुमारी

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नेट अच्छा या किताब तकनीक की चमक या किताबों का ज्ञान? आज का युग विज्ञान, तकनीक और डिजिटल क्रांति का[...]

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नाना पाटेकर : अभिनय,समाज सेवा और संवेदना की आवाज -उमेश कुमार सिन्हानाना पाटेकर : अभिनय,समाज सेवा और संवेदना की आवाज -उमेश कुमार सिन्हा

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भारतीय सिनेमा के लिए 8 अक्टूबर 2026 एक दुखद दिन बन गया। हिन्दी और मराठी फिल्मों के सशक्त अभिनेता नाना[...]

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विश्व शिक्षक दिवस.. गिरींद्र मोहन झाविश्व शिक्षक दिवस.. गिरींद्र मोहन झा

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5 अक्टूबर, 2026 के अवसर पर © शिक्षक बने प्रेरणास्रोतआलेख: गिरीन्द्र मोहन झा(स्वरचित) आज गुरु और शिक्षक शब्द एक-दूसरे के[...]

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विचार और कर्म… गिरींद्र मोहन झाविचार और कर्म… गिरींद्र मोहन झा

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©विचार के साथ-साथ कार्य भी आवश्यक होता है। तभी सफलता मिलती है।…….रामायण के किष्किन्धाकाण्ड में केवल विचार है, परिणाम में[...]

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सत्य और अहिंसा : गिरीन्द्र मोहन झासत्य और अहिंसा : गिरीन्द्र मोहन झा

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सत्य और अहिंसा हमारे भारतीय सनातन परम्परा की पुरातन अवधारणा है। वेद कहता है – एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति[...]

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