सत्य और अहिंसा हमारे भारतीय सनातन परम्परा की पुरातन अवधारणा है। वेद कहता है – एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति[...]
गांधी जी और शास्त्री जी : दो युग, एक राष्ट्रधर्म :- उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’गांधी जी और शास्त्री जी : दो युग, एक राष्ट्रधर्म :- उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’
भारत के इतिहास में 2 अक्टूबर का दिन एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन देश की दो महान विभूतियों[...]
युगपुरुष महात्मा गाँधी : आशीष अम्बरयुगपुरुष महात्मा गाँधी : आशीष अम्बर
” आने वाली पीढ़ियाँ शायद मुश्किल से ही यह विश्वास कर सकेंगी कि गाँधीजी जैसा हाड़ – माँस का पुतला[...]
बच्चों की पुस्तक कैसी होनी चाहिए : मो. ज़ाहिद हुसैनबच्चों की पुस्तक कैसी होनी चाहिए : मो. ज़ाहिद हुसैन
– मो. ज़ाहिद हुसैन प्रधानाध्यापक उत्क्रमित मध्य विद्यालय मलह विगहा,चंडी,नालंदा[...]
पितृपक्ष विशेष : गिरीन्द्र मोहन झापितृपक्ष विशेष : गिरीन्द्र मोहन झा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीरामचन्द्र जी के पूर्वज राजर्षि भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार एवं कल्याण के लिए[...]
गांधी: अरविंद कुमारगांधी: अरविंद कुमार
किस्सा है साल 1931 के कड़ाके की ठंड वाले लंदन का। सेंट जेम्स पैलेस की भव्य इमारत के बाहर महंगी[...]
भगजोगनी : अरविंदभगजोगनी : अरविंद
जब अंधेरी रात जवान होती, तब जंगलों की खामोशियाँ गहरी हो जातीं, आसमान में बादलों का पहरा होता और ज़मीन[...]
ज़िंदगी में लोग : रिंजू कुमारीज़िंदगी में लोग : रिंजू कुमारी
ज़िंदगी में लोग भी कितने अजीब होते हैं… पहले कहते हैं—“हम हैं न, तुम्हारे साथ।” कुछ वक़्त तक हाथ थामते[...]
लेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हालेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हा
लेखनी चलती है—न चाहने पर भी। कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जिनका स्मरण आते ही लेखनी स्वयं उनके व्यक्तित्व, कृतित्व,[...]
रक्षाबंधन : बेबी अर्चनारक्षाबंधन : बेबी अर्चना
लघुकथा – रक्षाबंधन “सुनो,जल्दी से गरमागरम पकौड़े ले आओ”, सुनील ने ऊँची आवाज में राधा से कहा । पर राधा[...]