आजादी का अमृत महोत्सव-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’आजादी का अमृत महोत्सव-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

आजादी का अमृत महोत्सव           15 अगस्त 1947 भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस जब भारत माँ के अनेक वीर सपूतों ने अंग्रेजों द्वारा दी गई नाना प्रकार के यातनाओं को सहकर, अपनी जान की कुर्बानियाँ देकर माँ भारती के पैरों में पड़ी परतंत्रता की बेड़ियाँ तोड़ भारत को एक स्वतंत्र […][...]

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महर्षि व्यास के प्राकट्य की कहानी-हर्ष नारायण दासमहर्षि व्यास के प्राकट्य की कहानी-हर्ष नारायण दास

महर्षि व्यास के प्राकट्य की कहानी           राजा उपरिचर, चेदि देश के राजा थे। वे बड़े धार्मिक एवं सत्यप्रतिज्ञ थे। उनके पास प्रचुर धन था। वे ब्राह्मणों के भक्त थे। उन्होंने इन्द्र की आराधना की  जिससे प्रसन्न होकर देवराज ने राजा को एक स्फटिक मणि का बना हुआ सुन्दर विमान दिया। […][...]

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अनोखा पक्षी नीलकंठ-सुरेश कुमार गौरवअनोखा पक्षी नीलकंठ-सुरेश कुमार गौरव

अनोखा पक्षी नीलकंठ           हम सभी पक्षियों के रंग-रुप और उसकी विशेषताओं के बारे में अक्सर पढ़ते व जानते हैं। लेकिन आज दक्षिण एशियाई पक्षी नीलकंठ के बारे में कुछ जानकारियों से अवगत होते हैं। नीलकंठ नामक पक्षी भारत में पाया जानेवाले पक्षियों की रोलर प्रजाति से संबंध रखता है लेकिन […][...]

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देवी पूजा स्वरूप : मेरी नजर से-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘देवी पूजा स्वरूप : मेरी नजर से-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘

देवी पूजा स्वरूप : मेरी नजर से         शिव और शक्ति विश्व को मूर्तरूप प्रदान करने के परमावश्यक अवयव हैं। पदार्थ में शिवत्व का दर्शन और शक्ति का बास हुए बिना चराचर जगत की कल्पना असंभव है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से सहवास साहचर्य समन्यव और अंतर-संबंध की अवधरणा प्रकृति में सर्वव्यापी और सर्वसमावेशी […][...]

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लौटा दो मेरा स्कूल-कुमारी निरुपमालौटा दो मेरा स्कूल-कुमारी निरुपमा

लौटा दो मेरा स्कूल          रात के पौने दस बज रहे थे। मैं इसलिए देर से काली मंदिर गई थी ताकि भीड़ एकदम नहीं हो। जब मंदिर से बाहर आई तो एक आठ साल का छोटा लड़का दो बैलून स्टिक लगा हुआ लिए मेरे सामने आकर खड़ा हो गया। बच्चा – चाची […][...]

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बेटी दिवस की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरवबेटी दिवस की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरव

बेटी दिवस की सार्थकता           आज बेटी दिवस है। संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर यह दिवस मनाया जाता है। हर देश में अलग-अलग तिथियों में बेटी दिवस मनाने की परंपरा है। हमें कहने में कोई गुरेज नहीं कि बेटी की दुहाई देने वाले इस पुरुष प्रधान और पुत्र प्रधान समाज […][...]

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राष्ट्रीय अस्मिता गौरव एवं एकता का प्रतीक-सुनील कुमारराष्ट्रीय अस्मिता गौरव एवं एकता का प्रतीक-सुनील कुमार

राष्ट्रीय अस्मिता गौरव एवं एकता की प्रतीक         14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हिन्दी न सिर्फ हमारी राजभाषा है बल्कि हमारे राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव एवं एकता का प्रतीक तथा पहचान की भाषा है। हिन्दी हमारे भावों को अभिव्यक्त करने का सरल माध्यम है। हिन्दी द्वारा हम अपने विचारों को […][...]

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वर्षा ऋतु प्रकृति परिवर्तन का प्रतीक-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’वर्षा ऋतु प्रकृति परिवर्तन का प्रतीक-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

वर्षा ऋतु प्रकृति परिवर्तन का प्रतीक           परिवर्तन प्रकृति का नियम है। प्रकृति कभी किसी एक जगह स्थिर नहीं रहती है। यह हमेशा बदलती रहती है। वर्षा ऋतु भी परिवर्तन को दर्शाती है। जिस तरह वसंत ऋतु के बाद ग्रीष्म ऋतु आती है उसी तरह ग्रीष्म ऋतु के बाद वर्षा ऋतु […][...]

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चंचल वन में जलेबी दौड़-निधि चौधरीचंचल वन में जलेबी दौड़-निधि चौधरी

चंचल वन में जलेबी दौड़       चंचल वन में जलेबी दौड़ का आयोजन किया गया। राजा शेर सिंह ने सबको कबूतर काका द्वारा यह संदेश भिजवाया। सभी जानवरों में उत्साह का माहोल था। खेल का नियम यह था कि कुछ दूरी पर जलेबी रखे होंगे। दौड़ लगाकर जाना है और वहां से जलेबी […][...]

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व्यक्ति एवं उसका मद-मनोज कुमार दुबेव्यक्ति एवं उसका मद-मनोज कुमार दुबे

व्यक्ति एवं उसका मद           एक आचार्य कुछ साधकों को ध्यान करवा रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी साधक आंखें बंद करके अपना ध्यान ज़मीन से बीस फ़ुट ऊपर ले जाएं। अब ध्यान को वहीं रोक लें और वहीं से सभी साधकों को देखें। साधकों के बीच स्वयं को भी देखें। […][...]

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