पर्व त्योहार : डॉ स्नेहलता द्विवेदी

भारतीय संस्कृति पर्व और त्योहार भारत को अद्वितीय और अद्भुत बनाते हैं। ये भारत को विशिष्ट पहचान देते हैं और इसमें भारतीयता झलकती है। राम और कृष्ण भारतीय संस्कृति की… पर्व त्योहार : डॉ स्नेहलता द्विवेदीRead more

पुरी यात्रा: एक यादगार अनुभव : मारुत नंदन पांडे

काफी उम्मीदों और योजना के बाद, आखिरकार मेरा पुरी यात्रा का सपना पूरा हुआ। मेरे परिवार के साथ यह यात्रा बेहद सुखद और यादगार रही। पुरी के नाम से ही… पुरी यात्रा: एक यादगार अनुभव : मारुत नंदन पांडेRead more

मनाइए नववर्ष उत्साह के साथ : अमृता कुमारी

31 दिसंबर की रात बचपन में या यों कहें कुछ वर्ष पहले तक मुझे सोने नहीं देती थी। मन उत्साह और रोमांच से भरा होता था कि साल के पहले… मनाइए नववर्ष उत्साह के साथ : अमृता कुमारीRead more

बच्चें और उनका समाजीकरण : आशीष अम्बर

बाल संस्कृति विशेष विषय वस्तु :- बच्चे का विकास अधिकांशतः अनेक स्थितियों और परिस्थितियों में होता है , जो उसको एक सामाजिक प्राणी के रूप में विकसित और परिपक्व करता… बच्चें और उनका समाजीकरण : आशीष अम्बरRead more

नशा सेवन : युवा फैशन : हर्ष नारायण दास

नशा सेवन को भारत के युवा एक फैशन से समझते हैं।नशा सेवन के रूप में मादक द्रव्यों के इस्तेमाल का इतिहास काफी पुराना है।धर्मान्ध लोग भांग और उससे बने पेय… नशा सेवन : युवा फैशन : हर्ष नारायण दासRead more

जयशंकर प्रसाद : हर्ष नारायण दास

महाकवि जयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के एक सुप्रतिष्ठित वैश्य परिवार में ( माघ शुक्ल दशमी संवत1946)30 जनवरी 1889 ईस्वी को हुआ था।इनके पितामह शिवरत्न साहू एक विशेष प्रकार के… जयशंकर प्रसाद : हर्ष नारायण दासRead more

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के केन्द्रीय बिंदु और परिकल्पनाएँ : आशीष अम्बर

मानव जीवन में शिक्षा का महत्व इसी से पता चलता है कि मानव को जीवों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है । मनुष्य अपने सोचने , सीखने तथा कल्पना करने की… राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के केन्द्रीय बिंदु और परिकल्पनाएँ : आशीष अम्बरRead more

पटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दास

पटना विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है।अपनी ऐतिहासिक गाथा के क्रम में इस नगर के नाम कई बार परिवर्तित हुए।कुसुमपुर, पुष्पपुर, अजीमाबाद, पाटलिपुत्र, पाटलिग्राम इत्यादि नामों से प्रसिद्ध… पटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दासRead more

बंटी की दोस्ती- कंचन प्रभा

बंटी एक छोटा, चुलबुला खरगोश था जो जंगल के किनारे अपने बिल में रहता था। वह बहुत मिलनसार था, लेकिन उसके कोई खास दोस्त नहीं थे। वह हमेशा सोचता कि… बंटी की दोस्ती- कंचन प्रभाRead more