पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीरामचन्द्र जी के पूर्वज राजर्षि भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार एवं कल्याण के लिए[...]
गांधी: अरविंद कुमारगांधी: अरविंद कुमार
किस्सा है साल 1931 के कड़ाके की ठंड वाले लंदन का। सेंट जेम्स पैलेस की भव्य इमारत के बाहर महंगी[...]
भगजोगनी : अरविंदभगजोगनी : अरविंद
जब अंधेरी रात जवान होती, तब जंगलों की खामोशियाँ गहरी हो जातीं, आसमान में बादलों का पहरा होता और ज़मीन[...]
ज़िंदगी में लोग : रिंजू कुमारीज़िंदगी में लोग : रिंजू कुमारी
ज़िंदगी में लोग भी कितने अजीब होते हैं… पहले कहते हैं—“हम हैं न, तुम्हारे साथ।” कुछ वक़्त तक हाथ थामते[...]
लेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हालेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हा
लेखनी चलती है—न चाहने पर भी। कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जिनका स्मरण आते ही लेखनी स्वयं उनके व्यक्तित्व, कृतित्व,[...]
रक्षाबंधन : बेबी अर्चनारक्षाबंधन : बेबी अर्चना
लघुकथा – रक्षाबंधन “सुनो,जल्दी से गरमागरम पकौड़े ले आओ”, सुनील ने ऊँची आवाज में राधा से कहा । पर राधा[...]
शिक्षक और विद्यार्थी : गिरीन्द्र मोहन झाशिक्षक और विद्यार्थी : गिरीन्द्र मोहन झा
शिक्षक के तीन प्रमुख गुण:[...]
सहसा स्मरण में आती वह चहचहाहट : उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’सहसा स्मरण में आती वह चहचहाहट : उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’
बसंत का समय था। पेड़ों पर पतझर की आहट सुनाई देने लगी थी और कहीं-कहीं हरे पत्ते अपनी उपस्थिति का[...]
अतीत की भूल भविष्य की चुनौती : धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअतीत की भूल भविष्य की चुनौती : धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
अतीत की भूलें और भविष्य की चुनौती: क्या हम अगली महामारी के लिए तैयार हैं? विश्व महामारी दिवस हमें मानव[...]
सुरों से संस्कार तक : नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विद्यालय की सांगीतिक चेतना की यात्रा : चंद्रकांत कुमारसुरों से संस्कार तक : नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विद्यालय की सांगीतिक चेतना की यात्रा : चंद्रकांत कुमार
“सुरों से संस्कार तक : नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विद्यालय की सांगीतिक चेतना की यात्रा” “सा विद्या[...]