परम्परा और आधुनिकता एक-दूसरे के पूरक हैं : अमृता कुमारीपरम्परा और आधुनिकता एक-दूसरे के पूरक हैं : अमृता कुमारी

प्रस्तावना जो भी पुरानी बातें होती हैं, परम्परा वाली होती हैं। वास्तव में परम्परा एक गतिशील प्रक्रिया है, जो हम[...]

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अमर शहीद भगत सिंह : हर्ष नारायण दासअमर शहीद भगत सिंह : हर्ष नारायण दास

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दासता की श्रृंखला में आबद्ध भारत माता को बन्धन मुक्त कराने के आत्मोत्सर्ग कर देने वाले हुतात्माओं की श्रेणी में[...]

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राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ : संघर्ष से शिखर तक – उमेश कुमार सिन्हाराष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ : संघर्ष से शिखर तक – उमेश कुमार सिन्हा

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23 सितंबर—राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जयंती पर विशेष “क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो…” जी हाँ, आपने[...]

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शीर्षक :- अद्भुत अभियंता- उमेश कुमार सिन्हाशीर्षक :- अद्भुत अभियंता- उमेश कुमार सिन्हा

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शीर्षक :- अद्भुत अभियंता- उमेश कुमार सिन्संसार में कला का होना अत्यंत आवश्यक हो जाता है, क्योंकि कहा गया है—साहित्यसंगीतकलाविहीनः[...]

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भरत रत्न मोक्षमुंडम.. हर्ष नारायण दासभरत रत्न मोक्षमुंडम.. हर्ष नारायण दास

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भारतरत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया————————————भारतरत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया आधुनिक भारत के उन महान् निर्माताओं में से एक हैं,जिन्होंने अपनी अभियांत्रिकीय प्रतिभा, कठोर अनुशासन,[...]

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कवि सत्यनारायण जी… ज्योत्सना वर्धनकवि सत्यनारायण जी… ज्योत्सना वर्धन

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कवि सत्यनारायण जी : एक युग का अंतबिहार के सांस्कृतिक के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। 27 अगस्त 2026[...]

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एक पेड़ माँ के नाम…सुबाला कुमारीएक पेड़ माँ के नाम…सुबाला कुमारी

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एक पेड़ माँ के नामएक पेड़ माँ के नाम से जानना एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है। इस कार्यक्रम से बाल मन[...]

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जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं- उमेश कुमार सिन्हाजिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं- उमेश कुमार सिन्हा

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लेखनी चलती है—न चाहने पर भी। कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जिनका स्मरण आते ही लेखनी स्वयं उनके व्यक्तित्व, कृतित्व,[...]

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सहसा स्मरण में आती वह चहचहाहट… उमेश कुमार सिन्हासहसा स्मरण में आती वह चहचहाहट… उमेश कुमार सिन्हा

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बसंत का समय था। पेड़ों पर पतझड़ की आहट सुनाई देने लगी थी और कहीं-कहीं हरे पत्ते अपनी उपस्थिति का[...]

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