कर्तव्यपरायणताकर्तव्यपरायणता

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कर्त्तव्यपरायणता और कार्यकुशलता दो ऐसे गुण हैं, जो जीवन को प्रेरणास्रोत और यशस्वी बनाने का सामर्थ्य रखता है। …… कर्त्तव्य-पालन[...]

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निरंतरता…गिरीन्द्र मोहन झानिरंतरता…गिरीन्द्र मोहन झा

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प्राप्त करना और देना प्रकृति का नियम है। वायुमंडल से हम आक्सीजन ग्रहण करते हैं और कार्बन-डाई-ऑक्साइड वायुमंडल में प्रेषित[...]

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महर्षि वाल्मीकि : अंधकार से ज्ञान के प्रकाश तक – -उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”महर्षि वाल्मीकि : अंधकार से ज्ञान के प्रकाश तक – -उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”

0 Comments 7:21 am

प्रस्तावना भारतीय संस्कृति और साहित्य के आकाश में अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिनका जीवन युगों-युगों तक मानवता को प्रेरणा देता[...]

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जिज्ञासा…गिरीन्द्र मोहन झाजिज्ञासा…गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 7:17 am

भारतीय संस्कृति में जिज्ञासा का बड़ा ही सम्मान है। जिज्ञासा सफलता और उत्कर्ष का प्रथम सोपान है। …… उपनिषद गुरु-शिष्य[...]

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विद्यालय के ऑफिस में भूत! – लेखक:- उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक “विद्यालय के ऑफिस में भूत! – लेखक:- उमेश कुमार सिन्हा ” निर्देशक “

0 Comments 6:20 pm

एक विद्यालय था। वहाँ शिक्षक और कर्मचारी मिल-जुलकर काम करते थे। विद्यालय का वातावरण पढ़ाई-लिखाई और बच्चों की चहल-पहल से[...]

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गरबा का महत्व.. पुनम कुमारीगरबा का महत्व.. पुनम कुमारी

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प्रस्तावना भारत विविधताओं का देश है। यहाँ विभिन्न धर्मों, भाषाओं, परंपराओं और लोककलाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।[...]

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केवट की अनोखी भक्ति -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘केवट की अनोखी भक्ति -उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक ‘

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जब भक्त के प्रेम के आगे झुक गए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अयोध्या में राजतिलक की तैयारियाँ चल रही थीं, लेकिन[...]

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विजय भव:(पुस्तक समीक्षा ) : धर्मेंद्र कुमार ठाकुरविजय भव:(पुस्तक समीक्षा ) : धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

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डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम द्वारा लिखित पुस्तक‘ विजय भव:'(पुस्तक समीक्षा ) व्यक्तिगत विकास और आत्म-खोज मूल्य-आधारित शिक्षा (Value-Based[...]

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