31 दिसंबर की रात बचपन में या यों कहें कुछ वर्ष पहले तक मुझे सोने नहीं देती थी। मन उत्साह[...]
Category: प्रसंग
मीरा की चुप्पीमीरा की चुप्पी
जब मीरा की चुप्पी टूटी उत्क्रमित मध्य विद्यालय मलह विगहा,चण्डी,नालन्दा में पहली कक्षा में एक बच्ची का नामांकन हुआ। उसकानाम[...]
छात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारीछात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारी
आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैंने विद्यालय में योगदान लिया और सभी रसोईया, अभिवावकों ने मुझे देख[...]
शिशिर ऋतु का मध्य! : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याशिशिर ऋतु का मध्य! : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
दिसंबर के महीना! दिल्ली की ठंड। शीत लहरी! रात के 10 बज रहे थे। ऊना अपनी माँ और पापा के[...]
मैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या
सलमा धीरे धीरे आकर मेरे बगल में झिझकते और शर्माती हुई ख़डी हो गई। पहले तो मैंने उसे तवज्जो नहीं[...]
सुनीता का त्याग : लवली कुमारीसुनीता का त्याग : लवली कुमारी
खट-खट की आवाज सुन कर सुनीता ने कहा, “नैना देखो तो दरवाजा पर कोई आया है।” “मां, पार्सल वाले भैया[...]
हरित धरा- रुचिकाहरित धरा- रुचिका
आज सुबह से ही हर जगह बड़ी धूमधाम थी। फावड़ा, कुदाल, बाल्टी मग और नर्सरी से लिये कुछ पौधों के[...]