एक पेड़ माँ के नाम से जानना एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है। इस कार्यक्रम से बाल मन भी प्रभावित होता है,[...]
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राम कथा के अनन्य शोधकर्ता:कामिल बुल्के : हर्ष नारायण दासराम कथा के अनन्य शोधकर्ता:कामिल बुल्के : हर्ष नारायण दास
कामिल बुल्के का जन्म 1 सितम्बर 1909 को बेल्जियम देश के वेस्ट फ्लैडर्स प्रांत के एक छोटे से गाँव रेमस्केपल[...]
तिब्बत से उफनाती, गुस्से में गंडक : अरविंदतिब्बत से उफनाती, गुस्से में गंडक : अरविंद
तिब्बत के ऊंचे पर्वतीय इलाके में ग्लेशियर (बर्फ और चट्टानों) का एक विशाल हिस्सा अचानक ढह गया है । इस[...]
“रेलवे गेट पर बँधी राखी का दूसरा धागा”“रेलवे गेट पर बँधी राखी का दूसरा धागा”
श्रावण की पूर्णिमा थी। सुबह से ही सुनीता के घर में रक्षाबंधन की तैयारियाँ चल रही थीं। आँगन में चाँदनी-सी[...]
जुनून- अरविंद कुमारजुनून- अरविंद कुमार
शाम के चार बज रहे थे। जवाहर उच्च विद्यालय, भरगामा के मैदान में स्थानीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हमेशा की[...]
सन्त कवि तुलसीदास : हर्ष नारायण दाससन्त कवि तुलसीदास : हर्ष नारायण दास
सन्त कवि तुलसीदास का जन्म उत्तरप्रदेश के राजपुर नामक गाँव में संवत 1554 श्रावण शुक्ल सप्तमी शुक्रवार को हुआ था।उनके[...]
इंसानियत बेबी अर्चनाइंसानियत बेबी अर्चना
काली ..अँधेरी रात…मूसलाधार बारिश हो रही थी ….बिजली की चमक और मेघ के तेज गर्जन . उस गर्जन के साथ[...]
रक्षाबंधनरक्षाबंधन
लघुकथा – रक्षाबंधन“सुनो,जल्दी से गरमागरम पकौड़े ले आओ”, सुनील ने ऊँची आवाज में राधा से कहा ।पर राधा ने बात[...]
रेलवे क्रासिंग गेट पर बँधी राखी का दूसरा धागा : उमेश कुमार सिन्हारेलवे क्रासिंग गेट पर बँधी राखी का दूसरा धागा : उमेश कुमार सिन्हा
श्रावण की पूर्णिमा थी। सुबह से ही सुनीता के घर में रक्षाबंधन की तैयारियाँ चल रही थीं। आँगन में चाँदनी-सी[...]
उधार की जिंदगीउधार की जिंदगी
रात के दो बजे है । निशाचर झींगुर लयबद्ध होकर अपने बच्चों को लोरी सुना रहा है “ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र…..।दूर खेतों में[...]