लघुकथा – रक्षाबंधन“सुनो,जल्दी से गरमागरम पकौड़े ले आओ”, सुनील ने ऊँची आवाज में राधा से कहा ।पर राधा ने बात[...]
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रेलवे क्रासिंग गेट पर बँधी राखी का दूसरा धागा : उमेश कुमार सिन्हारेलवे क्रासिंग गेट पर बँधी राखी का दूसरा धागा : उमेश कुमार सिन्हा
श्रावण की पूर्णिमा थी। सुबह से ही सुनीता के घर में रक्षाबंधन की तैयारियाँ चल रही थीं। आँगन में चाँदनी-सी[...]
उधार की जिंदगीउधार की जिंदगी
रात के दो बजे है । निशाचर झींगुर लयबद्ध होकर अपने बच्चों को लोरी सुना रहा है “ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र…..।दूर खेतों में[...]
विद्यालय में प्रार्थना सभाविद्यालय में प्रार्थना सभा
विद्यालय में प्रार्थना सभा विद्यालय में प्रार्थना सभा (Morning Assembly) दिन की शुरुआत का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह छात्रों[...]
बाल विवाहबाल विवाह
मुस्कान एक होनहार और शालीन बच्ची थी। तीसरी कक्षा से उत्तीर्ण होकर चौथी में नामांकन करवाया था। मुझे याद है[...]
शीशे वाली लड़की (डर से आत्मविश्वास तक की यात्रा) : अवधेश कुमारशीशे वाली लड़की (डर से आत्मविश्वास तक की यात्रा) : अवधेश कुमार
करिश्मा नाम की एक लड़की थी, जो पढ़ाई में ठीक थी लेकिन सबके सामने बोलने से डरती थी। उसे लगता[...]
दादी माँ की सीखदादी माँ की सीख
गर्मी की छुट्टी में इस बार भी सभी बच्चे अपने गाँव आये थे । अनु,तनु,मंगल,सोनू,सबके सब। अपने गाँव, अपनी दादी[...]
पहली कमाई – शिल्पीपहली कमाई – शिल्पी
मजदूर की माँ की दोनों आँखें नहीं है।वो अपनी पहली कमाई से माँ के लिए लाल साड़ी लेना चाहता है।[...]
सत्य का प्रकाश- सुरेश कुमार गौरवसत्य का प्रकाश- सुरेश कुमार गौरव
गाँव के एक छोटे से विद्यालय में आदर्श नाम का एक शिक्षक था, जो अपने छात्रों को सिर्फ़ किताबों का[...]
जोगीरा सा…रा..रा..रा- अरविंद कुमारजोगीरा सा…रा..रा..रा- अरविंद कुमार
कार्यालय में होली की छुट्टी हुई , तो मन बिजली की रफ्तार से गांव पहुंच गया । और फिर याद[...]