जंगल के सरदार (बाल कथा) बहुत समय पहले की बात है।एक सुंदर और घना जंगल था,जहां विभिन्न प्रकार के जानवर खुशी-खुशी रहते थे। शेर,हाथी, हिरण,बंदर,लोमड़ी, खरगोश और पक्षियों की ढेड़… जंगल के सरदारRead more
अम्मा जी
चित्र संख्या 2 पर आधारित स्वरचित कहानी अम्मा जी राघव, टीना, गीतिका और मिष्टी तीनों एक ही स्कूल और एक क्लास में पढ़ते थे । जब वे स्कूल जाते… अम्मा जीRead more
Primary Teacher
शीर्षक – मददगार तोता रामपुर नाम का एक सुंदर गांव था। ये गांव चारों तरफ हरे भरे पेड़ों से घिरा हुआ था। इस गांव के सभी लोग मेहनती एवं ईमानदार… Primary TeacherRead more
सुग्गी और चीचू
“सुग्गी और चीचू” एक छोटे से गाँव में सुग्गी नाम की एक प्यारी सी बच्ची रहती थी। उसकी आँखों में सपनों की चमक और दिल में दया का सागर था।… सुग्गी और चीचूRead more
पिता की सीख : कुमारी निधि
रोहन तब बारहवीं में पढ़ रहा था। वह पढ़ने में बहुत होशियार था। रोहन के पिता ने उसे कोई कमी नहीं दी। रोहन के मुँह खोलने से पहले उसके सामने… पिता की सीख : कुमारी निधिRead more
पितृ दिवस विशेष : सं. गिरीन्द्र मोहन झा
आज पितृ दिवस पर हमारे ग्रंथों में पिता के लिए कहे गये शब्द:(संकलन: गिरीन्द्र मोहन झा) पा रक्षणे धातु से पिता पद निष्पन्न होता है अर्थात् जो विपत्तियों से रक्षा… पितृ दिवस विशेष : सं. गिरीन्द्र मोहन झाRead more
अलमामैटर: मस्ती की पाठशाला : मो. जाहिद हुसैन
(संज्ञानात्मक विकास एवं शिक्षा-2) यदि बच्चे के मस्तिष्क पर दबाव न पड़े तो उनमें सीखने की जिज्ञासा स्वतः जागृत होगी। बंटी का एडमिशन पापा ने अपने एक दोस्त के विद्यालय ‘अल्मा मैटर’… अलमामैटर: मस्ती की पाठशाला : मो. जाहिद हुसैनRead more
बाबा नागार्जुन की जयन्ती : हर्ष नारायण दास
नागार्जुन का जन्म1911 ईस्वी की ज्येष्ठ पूर्णिमा को वर्त्तमान मधुबनी जिले के सतलखा में हुआ था।यह सतलखा गाँव उनका ननिहाल था।उनका पैतृक गाँव वर्त्तमान दरभंगा जिले के तरौनी था।इनके पिता… बाबा नागार्जुन की जयन्ती : हर्ष नारायण दासRead more
पहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरव
बचपन में कोई सिखाता नहीं कि झूठ बोलना बुरा है, पर जब बोलते हैं और पकड़े जाते हैं – तभी असल शिक्षा मिलती है।मुझे याद है – वह मेरी तीसरी… पहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरवRead more
कछुआ: धैर्य, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक : सुरेश कुमार गौरव
प्रस्तावना: प्रकृति में ऐसे अनेक जीव हैं जो मौन रहते हुए भी हमें जीवन की महान शिक्षाएँ दे जाते हैं। कछुआ (Turtle/Tortoise) भी उन्हीं में एक अद्भुत जीव है –… कछुआ: धैर्य, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक : सुरेश कुमार गौरवRead more