वृक्षारोपण-वृक्षसंरक्षण : गिरीन्द्र मोहन झा

भारतीय संस्कृति में पर्यावरण/प्रकृति के सभी जीवनी-शक्तिदायिनी घटकों को देवतुल्य मानकर उनके प्रति श्रद्धा रखी जाती है। प्रथम सद्ग्रंथ वेद, जो कि अब भी संसार को दिखाने का काम करते… वृक्षारोपण-वृक्षसंरक्षण : गिरीन्द्र मोहन झाRead more

प्रकृति के साथ पुनः जुड़ाव की पुकार : सुरेश कुमार गौरव

परिचय: हर वर्ष 5 जून को सम्पूर्ण विश्व में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि पृथ्वी की पुकार है — जीवन के संतुलन की… प्रकृति के साथ पुनः जुड़ाव की पुकार : सुरेश कुमार गौरवRead more

पर्यावरणीय चुनौतियाँ और हम : आशीष अम्बर

हमें जो स्वस्थ पर्यावरण विरासत में मिला है , वह हमारे पास भावी पीढ़ियों की धरोहर है । भावी पीढ़ी को यह धरोहर स्वच्छ व स्वस्थ रूप में सौंपना हमारा… पर्यावरणीय चुनौतियाँ और हम : आशीष अम्बरRead more

भाषा शिक्षण में अंग्रेज़ी भाषा की सार्थकता : सुरेश कुमार गौरव

भूमिका: भाषा न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि संस्कृति, ज्ञान और विकास का सेतु भी है। भारत जैसे बहुभाषी देश में जहाँ मातृभाषाओं की विविधता है, वहीं अंग्रेज़ी भाषा… भाषा शिक्षण में अंग्रेज़ी भाषा की सार्थकता : सुरेश कुमार गौरवRead more

चुप्पी तोड़ें, खुलकर बोलें

आलेख चुप्पी तोड़ें, खुलकर बोलें मुकेश कुमार मृदुल माहवारी नारी देह की एक प्रकृति प्रदत्त प्रक्रिया है जो उसकी प्रजनन क्षमता को प्रदर्शित करती  है। इसे स्त्री होने का परिचय… चुप्पी तोड़ें, खुलकर बोलेंRead more

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस 28 मई को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है । इस दिन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को सुरक्षित और स्वच्छ मासिक धर्म का अनुपालन… विश्व माहवारी स्वच्छता दिवसRead more

महावारी (मासिक- धर्म)🔴

महावीर (मासिक- धर्म ) अलग थाली अलग बिस्तर अलग सबसे बैठाया है।मां ने आज उसको सबसे बीमार बताया है।पूरा दिन उसने अलग कमरे में बिताया है।मंदिर में भी जाना उसका… महावारी (मासिक- धर्म)🔴Read more

माहवारी(मासिक धर्म)-प्राकृतिक वरदान

माहवारी (मासिक धर्म) – प्राकृतिक वरदान जब एक नन्ही सी बच्ची पहली बार खुद को बदलते हुए देखती है, वह घबराती है। उसे समझ नहीं आता कि उसके साथ क्या… माहवारी(मासिक धर्म)-प्राकृतिक वरदानRead more