माहवारी – स्त्री जीवन की सामान्य क्रिया बात दो वर्ष पूर्व की है। संयुक्त राष्ट्र संघ की योजना के अन्तर्गत यूनिसेफ के तत्वाधान में बिहार सरकार ने विद्यालय की बच्चियों… माहवारी -स्त्री जीवन की सामान्य क्रियाRead more
रूढ़िवादी सोच की शिकार माहवारी।
हमारा देश आजादी के 78 वे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। देश के आजाद होने से अबतक अधिकतर क्षेत्रों में विकास की रफ्तार काफी तेज है लेकिन इसके साथ… रूढ़िवादी सोच की शिकार माहवारी।Read more
रक्त की रेखा
“रक्त की रेखा” ✍️ अरुण की लेखनी से (विश्व मासिक धर्म दिवस — 28 मई 2025) हर माह वो सहती है, चुपचाप सी पीड़ा, न पेट कहे कुछ, न पीठ… रक्त की रेखाRead more
पैड बैंक
विश्व स्वच्छता महावारी दिवस पर – कहानी – पैड बैंक ” मैडम, मुझे घर जाना है। इसलिए मुझे छुट्टी दे दीजिए ।” वर्ग 9 में पढ़ने… पैड बैंकRead more
विश्व माहवारी दिवस
विश्व माहवारी दिवस ‘ विश्व माहवारी दिवस ‘ जिसे मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के रूप में भी जाना जाता है, प्रत्येक वर्ष 28 मई को मनाया जाने वाला एक वार्षिक… विश्व माहवारी दिवस Read more
सृजन का विस्तार है तू
सृजन का विस्तार है तू * नारी हूं बलवान हूं, धरती की शान हू मैं। महावारी मेरा जीवन चक्र,सृजन का विस्तार है मासिक धर्म नारी की पहचान,छूत अछूत की परम्परा… सृजन का विस्तार है तूRead more
विश्व महावारी स्वच्छता
🌸 विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस: गरिमा, जागरूकता और स्वास्थ्य की पुकार ✍️ सुरेश कुमार गौरव हर वर्ष 28 मई को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस (Menstrual Hygiene Day) मनाया जाता है,… विश्व महावारी स्वच्छताRead more
माहवारी, हो पूरी जानकारी
बारह वर्षीय मीरा आज जब स्कूल से लौटी तो बहुत डरी-सहमी और खोई-खोई सी थी।मीरा की बड़ी बहन राधा ने पूछा,तुझे क्या हुआ,जो तू इतनी उदास है?मीरा ने कहा,कुछ नहीं।मगर… माहवारी, हो पूरी जानकारीRead more
छात्र, शिक्षक और अभिभावकों के बीच त्रिकोणीय संबंध और शिक्षा का सतत् विकास : सुरेश कुमार गौरव
प्रस्तावना: शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान का हस्तांतरण नहीं अपितु एक निरंतर प्रगतिशील प्रक्रिया है जो व्यक्ति के विचार, व्यवहार और व्यक्तित्व को समग्र रूप में विकसित करती है। इस प्रक्रिया… छात्र, शिक्षक और अभिभावकों के बीच त्रिकोणीय संबंध और शिक्षा का सतत् विकास : सुरेश कुमार गौरवRead more
कर्म और उसका फल : गिरीन्द्र मोहन झा
संस्कृत भाषा के कृ धातु में अच् प्रत्यय के योग से कर्म शब्द बना है। यत् क्रियते तत् कर्म अर्थात् जो किया जाता है, वही कर्म है।कर्म तीन प्रकार के… कर्म और उसका फल : गिरीन्द्र मोहन झाRead more