काफी उम्मीदों और योजना के बाद, आखिरकार मेरा पुरी यात्रा का सपना पूरा हुआ। मेरे परिवार के साथ यह यात्रा बेहद सुखद और यादगार रही। पुरी के नाम से ही मन मे भक्ति और मस्ती दोनों तरंगें दौड़ती है एक ओर प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर है तो दूसरी ओर समुन्द्र की लहरे।
पुरी यात्रा में मुख्य रूप से भगवान जगन्नाथ मंदिर और प्रसिद्ध रथ यात्रा शामिल है। रथ यात्रा हर साल आषाढ़ महीने में निकलती है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अपने रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर (मौसी के घर) जाते हैं।
अब मैं भी अपने अनुभव साझा कर रहा हूँ, ताकि यह किसी और के काम आ सके।
रहने का विकल्प:
अगर आप बजट फ्रेंडली स्टे की तलाश में हैं,होटल कमलिया अच्छा विकल्प हैं वहां का स्टाफ बहुत सहयोगी और जगह परिवार के लिए उपयुक्त है।
यात्रा के दौरान ऑटो रिक्शा का अनुभव:
पुरी में ऑटो रिक्शा वालों से थोड़ा सावधान रहना जरूरी है। कई बार वे ज्यादा किराया मांगते हैं, जो हर टूरिस्ट प्लेस पर आम हो चुका है। हमारी समस्या हल करने के लिए हमने अपने होटल वालों से एक ऑटो रिक्शा बुक करवाया। हमें एक ईमानदार और सहयोगी ऑटो ड्राइवर मिले, जिन्होंने न केवल हमें सभी प्रमुख जगहों पर घुमाया, बल्कि जब अन्य ड्राइवर ज्यादा किराया मांग रहे थे, तब उन्होंने हमारी मदद भी की।
पंडा जी से जुड़ा अनुभव:
पंडा जी को लेकर मुझे ग्रुप और स्थानीय लोगों से मिले-जुले विचार मिले। कुछ लोगों ने कहा कि पंडा जी की मदद लेनी चाहिए, तो कुछ ने इसे जरूरी नहीं माना। हमने अपने मामा जो वही रहते है उनकी मदद से दर्शन करने का निर्णय लिया। जगन्नाथ का आशीर्वाद अनुभव हुआ।
खाने-पीने के विकल्प:
जो मंदिर के मुख्य द्वार के पास स्थित है। वहां का खाना भी बेहद स्वादिष्ट था, लेकिन सर्विस थोड़ी धीमी थी, शायद कम स्टाफ के कारण।
पुरी में खाने-पीने के और भी कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें आप अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं।
समाप्ति:
कुल मिलाकर, हमारी यात्रा बेहद सुखद रही। सब कुछ अच्छे से हो गया। अगर आप भी पुरी जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय सबसे बेहतर है। बिना ज्यादा सोचे यात्रा का आनंद लें।
जय जगन्नाथ! 🙏
