राष्ट्रीय मतदाता दिवस : आशीष अम्बर

प्रस्तावना :- एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में लोकतंत्र ( जनता द्वारा शासन) ही शक्ति का वास्तविक स्रोत होता है । चुनाव द्वारा भले ही देश में जनप्रतिनिधि ( नेता) चुने जाते हैं, लेकिन इस व्यवस्था की सच्ची ताकत आम नागरिकों के पास होती है जो अपना वोट देते हैं । राष्ट्रीय मतदाता दिवस एक विशेष दिन है जो कि इसी शक्ति का उत्सव मनाता है । यह दिन हर साल 25 जनवरी को मतदान के महत्व के बारे में जागरुकता फैलाता है और हर पात्र नागरिकों को पंजीकरण के लिए अनुमति देता है । 25 जनवरी की तारीख यूँ ही नहीं लिखी गई है, यह भारत निर्वाचन आयोग( Election commission of India) का स्थापन दिवस है । सन् 1950 में इसकी स्थापना हुई थी, जो पूरे देश में चुनाव का संचालन और निगरानी करने वाला संवैधानिक निकाय है ।

विषय – वस्तु :- भारत में प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है । विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा । पहली बार इसे वर्ष 2011 में मनाया गया । इसके मनाए जाने के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्य था कि देश भर के सभी मतदान केंद्र वाले क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष उन सभी पात्र मतदाताओं की पहचान की जाएगी , जिनकी उम्र एक जनवरी को 18 वर्ष हो चुकी होगी । इस सिलसिले में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नये मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किये जायेंगे और उन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र सौंपे जायेंगे । इस दिन भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि भारत के प्रत्येक व्यक्ति जो मतदान करने योग्य है, अपना वोट देकर राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बन सकते हैं । इस दिन बेहतर निर्वाचन कार्य करने वाले B.L.O. ERO, AERO ,DEO एवं संबंधित को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पुरस्कृत किया जाता है ।

तो आइए हम इस 16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर यह संकल्प लें कि अपने मताधिकार का प्रयोग करके एक उन्नत राष्ट्र बनने की संकल्पना को साकार करने एवं राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने के उद्देश्य को अक्षरशः पूर्ण कर सकें ।

आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार

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