गद्य गुँजन - Page 3 of 28 - Teachers of Bihar- The Change Makers

आशीर्वाद-कुमारी निरुपमा

आशीर्वाद           माॅं की तबीयत जब भी खराब होती थी मोनिया को पिंकी दीदी के घर जाना ही होता था। मोनिया की मां परीक्षा के समय… आशीर्वाद-कुमारी निरुपमाRead more

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आजादी का अमृत महोत्सव-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

आजादी का अमृत महोत्सव           15 अगस्त 1947 भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस जब भारत माँ के अनेक वीर सपूतों ने अंग्रेजों द्वारा दी गई… आजादी का अमृत महोत्सव-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’Read more

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महर्षि व्यास के प्राकट्य की कहानी-हर्ष नारायण दास

महर्षि व्यास के प्राकट्य की कहानी           राजा उपरिचर, चेदि देश के राजा थे। वे बड़े धार्मिक एवं सत्यप्रतिज्ञ थे। उनके पास प्रचुर धन था। वे… महर्षि व्यास के प्राकट्य की कहानी-हर्ष नारायण दासRead more

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अनोखा पक्षी नीलकंठ-सुरेश कुमार गौरव

अनोखा पक्षी नीलकंठ           हम सभी पक्षियों के रंग-रुप और उसकी विशेषताओं के बारे में अक्सर पढ़ते व जानते हैं। लेकिन आज दक्षिण एशियाई पक्षी नीलकंठ… अनोखा पक्षी नीलकंठ-सुरेश कुमार गौरवRead more

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देवी पूजा स्वरूप : मेरी नजर से-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘

देवी पूजा स्वरूप : मेरी नजर से         शिव और शक्ति विश्व को मूर्तरूप प्रदान करने के परमावश्यक अवयव हैं। पदार्थ में शिवत्व का दर्शन और शक्ति… देवी पूजा स्वरूप : मेरी नजर से-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘Read more

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लौटा दो मेरा स्कूल-कुमारी निरुपमा

लौटा दो मेरा स्कूल          रात के पौने दस बज रहे थे। मैं इसलिए देर से काली मंदिर गई थी ताकि भीड़ एकदम नहीं हो। जब मंदिर… लौटा दो मेरा स्कूल-कुमारी निरुपमाRead more

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बेटी दिवस की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरव

बेटी दिवस की सार्थकता           आज बेटी दिवस है। संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल पर यह दिवस मनाया जाता है। हर देश में अलग-अलग तिथियों में… बेटी दिवस की सार्थकता-सुरेश कुमार गौरवRead more

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राष्ट्रीय अस्मिता गौरव एवं एकता का प्रतीक-सुनील कुमार

राष्ट्रीय अस्मिता गौरव एवं एकता की प्रतीक         14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हिन्दी न सिर्फ हमारी राजभाषा है बल्कि हमारे राष्ट्रीय अस्मिता, गौरव… राष्ट्रीय अस्मिता गौरव एवं एकता का प्रतीक-सुनील कुमारRead more

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वर्षा ऋतु प्रकृति परिवर्तन का प्रतीक-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

वर्षा ऋतु प्रकृति परिवर्तन का प्रतीक           परिवर्तन प्रकृति का नियम है। प्रकृति कभी किसी एक जगह स्थिर नहीं रहती है। यह हमेशा बदलती रहती है।… वर्षा ऋतु प्रकृति परिवर्तन का प्रतीक-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’Read more

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चंचल वन में जलेबी दौड़-निधि चौधरी

चंचल वन में जलेबी दौड़       चंचल वन में जलेबी दौड़ का आयोजन किया गया। राजा शेर सिंह ने सबको कबूतर काका द्वारा यह संदेश भिजवाया। सभी जानवरों… चंचल वन में जलेबी दौड़-निधि चौधरीRead more

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