12 सीख : रूचिका

ruchika
  1. तमाम मुश्किलों के बीच मुस्कुराहटें उम्मीद की लौ जलाती है।
  2. अँधेरा कितना भी घना हो रोशनी उसके पार जरूर मिलती है।
  3. कभी -कभी जब तमाम रास्ते बंद हो,समय पर सब कुछ छोड देना श्रेयस्कर होता है।
  4. संघर्ष अपने साथ सब्र लेकर जरूर आता है।
  5. प्रेम पत्थर को भी टूटने को विवश करती है,यह सर्वश्रेष्ठ भाव है।
  6. नियति हमारे लिए सब कुछ पहले से ही तय कर चुकी होती है,हमें उसे स्वीकारना ही होती है।
  7. हर मुस्कान के पीछे उदासियों का एक मजबूत बाँध हैं। और उसे पार कर मुस्कान बिखेरने वाला सच्चा योद्धा।
  8. माता पिता से बड़ा न कोई शुभचिंतक हो सकता है न साथी।
  9. दुनिया की खूबसूरती देखनी हो तो छोटे बच्चे के संग कुछ खिलखिलाते पल बिताइए।
  10. एक शिक्षक के रूप में बच्चों के बीच कितने ही अवसर सीखने को मिलते हैं।
  11. दुनिया को आपको तकलीफ क्या है,से ज्यादा आप खुश क्यों है कि फिक्र है।
  12. जो भी खुशी के पल मिले उसे जी लें,क्योकि भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है कोई नही जानता।

रूचिका
प्रधान शिक्षक
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुरमौली गुठनी सिवान बिहार

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