मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी 

रमेश और सुरेश दोस्त है।  दोनो ने साथ में पढ़ाई की और एक साथ पले बढ़े।  दोनों आज भी सम्पर्क में हैं,और परिवार से परिपूर्ण हैं सुखी है लेकिन दोनोंअलग… मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी Read more

शिक्षक की पूंजी : नेहा कुमारी

आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैंने विद्यालय में योगदान लिया और सभी रसोईया, अभिवावकों ने मुझे देख कर सोचा कि ये कम उम्र की पतली दुबली लड़की… शिक्षक की पूंजी : नेहा कुमारीRead more

वर्तमान में लोकगीत संस्कृति भूलते बच्चे  : अवधेश कुमार

बदलते बचपन की तस्वीर – बिहार की परंपरा बनाम आधुनिकता :  बिहार  की संस्कृति सदियों से लोकगीतों, परंपराओं और सामूहिक संवेदना से समृद्ध रही है। “घुघआ माना… उपजे धाना” जैसे… वर्तमान में लोकगीत संस्कृति भूलते बच्चे  : अवधेश कुमारRead more

अजनबी से अपनापन : रिन्जु कुमारी 

रवि दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर खड़ा था। भीड़ इतनी थी कि पैर रखने की जगह नहीं मिल रही थी। अचानक उसका पैर फिसला और वह गिरने ही… अजनबी से अपनापन : रिन्जु कुमारी Read more

छात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारी

आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैंने विद्यालय में योगदान लिया और सभी रसोईया, अभिवावकों ने मुझे देख कर सोचा कि ये कम उम्र की पतली दुबली लड़की… छात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारीRead more

बच्चों को सीख : रूचिका

खेल के मैदान में सारे बच्चे व्यस्त थे। एक टोली कबड्डी खेल रहा था तो दूसरी टोली खों-खों। कुछ बच्चे यूँही आपस में एक दूसरे को भगा रहे थे।बच्चों की… बच्चों को सीख : रूचिकाRead more

रूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बर

बात पुराने समय की है। किसी राज्य में एक बादशाह थें। उन्हें अपने राज – काज चलाने में कठिनाई हो रही थी । जिसके कारण उन्होंने मंत्री की बहाली की… रूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बरRead more

मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी

रमेश और सुरेश दोस्त है। दोनो ने साथ में पढ़ाई की और एक साथ पले बढ़े। दोनों आज भी सम्पर्क में हैं,और परिवार से परिपूर्ण हैं सुखी है लेकिन दोनों… मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदीRead more

हमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठक

बात आज से 27 वर्ष पूर्व की है। उस समय मोबाइल का नामोनिशान नहीं था। कम्प्यूटर की शुरुआत हो चुकी थी। मैं पटना के एक निजी उच्च विद्यालय में अंग्रेजी… हमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठकRead more

वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारी

“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है शिक्षा स्वयं जीवन है”- जॉन डेवी आज हमारे देश में सच्चरित्रता की बहुत कमी दिखती है जहां तक नजर जाती है लोगों में स्वार्थपरता… वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारीRead more