पटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दास

पटना विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है।अपनी ऐतिहासिक गाथा के क्रम में इस नगर के नाम कई बार परिवर्तित हुए।कुसुमपुर, पुष्पपुर, अजीमाबाद, पाटलिपुत्र, पाटलिग्राम इत्यादि नामों से प्रसिद्ध… पटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दासRead more

बंटी की दोस्ती- कंचन प्रभा

बंटी एक छोटा, चुलबुला खरगोश था जो जंगल के किनारे अपने बिल में रहता था। वह बहुत मिलनसार था, लेकिन उसके कोई खास दोस्त नहीं थे। वह हमेशा सोचता कि… बंटी की दोस्ती- कंचन प्रभाRead more

रजिया की शादी- नीतू रानी

रजिया की माँ रजिया की शादी बारह वर्ष में करवा देना चाहती थी। यानी कि “बाल विवाह”, क्योंकि अगर रजिया पंद्रह, सत्रह साल की हो जाएगी तो उसके लायक लड़का… रजिया की शादी- नीतू रानीRead more

तेते पाँव पसारिए : मनु कुमारी

मनुष्य को अपने सामर्थ्य के अनुसार हीं जीवन में खर्च करना चाहिए। ऐसा नहीं कि आमदनी अठन्नी हो और हम खर्चा रूपया करें। अपनी आमदनी के हिसाब से हीं अपना… तेते पाँव पसारिए : मनु कुमारीRead more

बचपन और उसकी यादें : रूचिका

बचपन और उसकी यादें जब भी जेहन में आ जाती हैं तो होठों पर बरबस ही मुस्कान चली आती हैं। बचपन के दिनों में गर्मी की छुट्टियों का वर्षभर बेसब्री… बचपन और उसकी यादें : रूचिकाRead more

सुनीता का त्याग : लवली कुमारी

खट-खट की आवाज सुन कर सुनीता ने कहा, “नैना देखो तो दरवाजा पर कोई आया है।”  “मां, पार्सल वाले भैया हैं”, सुनीता आश्चर्य से बोली।  “पार्सल वाले क्यों?” “पता नहीं… सुनीता का त्याग : लवली कुमारीRead more

हमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठक

बात आज से 27 वर्ष पूर्व की है। उस समय मोबाइल का नामोनिशान नहीं था। कम्प्यूटर की शुरुआत हो चुकी थी। मैं पटना के एक निजी उच्च विद्यालय में अंग्रेजी… हमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठकRead more

बच्चों को संस्कार दें : हर्ष नारायण दास

हर व्यक्ति सुख की तलाश में रहता है। कोई भी व्यक्ति दुःखी नहीं रहना चाहता है बल्कि सब सुखी ही रहना चाहते हैं। एकल परिवारीय युग में जीवन यापन की… बच्चों को संस्कार दें : हर्ष नारायण दासRead more

वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारी

“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है शिक्षा स्वयं जीवन है”- जॉन डेवी । आज हमारे देश में सच्चरित्रता की बहुत कमी दिखती है जहां तक नजर जाती है लोगों में… वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारीRead more

रूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बर

बात पुराने समय की है। किसी राज्य में एक बादशाह थें। उन्हें अपने राज – काज चलाने में कठिनाई हो रही थी । जिसके कारण उन्होंने मंत्री की बहाली की… रूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बरRead more