कार्यालय में होली की छुट्टी हुई , तो मन बिजली की रफ्तार से गांव पहुंच गया । और फिर याद[...]
संध्या पाठशाला – धीरज कुमारसंध्या पाठशाला – धीरज कुमार
बात आज से लगभग तीन वर्ष पहले की है। ठंडी की शुरुआत हो चुकी थी।शादी विवाह में बजने वाला शोर[...]
कृतघ्नता – अमरनाथ त्रिवेदीकृतघ्नता – अमरनाथ त्रिवेदी
बचपन में माता-पिता से किसे प्यार नहीं होता परन्तु जब बालक वयस्क बन जाता है और उसकी शादी हो जाती[...]
परोपकार का प्रतिफल – अमरनाथ त्रिवेदीपरोपकार का प्रतिफल – अमरनाथ त्रिवेदी
अमीर लोगों को लगता है कि मैं बड़ा हूँ। अधिक पढ़े लिखे लोगों को लगता है कि मैं किसी से[...]
विश्वास जीतने का प्रतिफल- अमरनाथ त्रिवेदी विश्वास जीतने का प्रतिफल- अमरनाथ त्रिवेदी
जब विश्वास की डोर एक दूसरे के साथ बँधती है तब एक दूसरे के साथ कार्य करने की नयी संस्कृति[...]
पंडित नेहरू जी का आदर्श – अदिति भूषणपंडित नेहरू जी का आदर्श – अदिति भूषण
14 नवंबर का दिन, भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के[...]
उदारता -अमरनाथ त्रिवेदीउदारता -अमरनाथ त्रिवेदी
एक गाँव में दो सहोदर भाई थे। एक का नाम अमित और दूसरे का सुमित था। दोनों के बीच अच्छे[...]
तितली की उड़ान -स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्य ‘तितली की उड़ान -स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्य ‘
मुहल्ले के एक चौराहे पर केशव तन्मयता से जूता-चप्पल मरम्मत करता था। जूता पालिश करता था। उसे अपने इस काम[...]
वो दिन -रामपाल प्रसाद सिंह ‘वो दिन -रामपाल प्रसाद सिंह ‘
दिन 1982- 84 का समय-काल जब मैं अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज बाढ़ में विज्ञान-संकाय का छात्र था, आज के परिप्रेक्ष्य[...]
बदलाव -अमरनाथ त्रिवेदीबदलाव -अमरनाथ त्रिवेदी
अजीत और विक्रम दोनों एक ही मुहल्ले में रहते थे। अभी दोनों सरकारी विद्यालय में आठवीं कक्षा में पढ़ रहे[...]