टीचर्स ऑफ बिहार (TOB) के 7 वें स्थापना दिवस के अवसर पर ब्लॉग प्रस्तुति : –
टीचर्स ऑफ बिहार के 7 वें स्थापना दिवस पर हम उन सभी शिक्षकों को अपना संदेश देना चाहता हूँ, जिन्होंने इस समूह (TOB) को अपने संकल्प , निष्ठा एवं बिना किसी स्वार्थ के एक अलग उत्कृष्ट पहचान दी है । हम उन सभी शिक्षक / शिक्षिकाओं को अपनी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ । अब बात करें अपनी बात को साझा करने की तो मैं शिक्षा और शिक्षक समाज पर अपना मंतव्य देना चाहता हूँ। शिक्षा समाज के विकास की आधार शिला है । जिससे देश का आर्थिक विकास होता है , और समाज में सकारात्मक बदलाव आता है । शिक्षा का उद्देश्य हमारी संस्कृति को बचाना है । शिक्षा लक्ष्य प्राप्ति का उत्तम साधन है । शिक्षा मनुष्य के जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है । शिक्षा से मानवता का विकास होता है । शिक्षा से बढ़कर कोई धन नहीं है ।
शिक्षक हमारे समाज का अभिन्न अंग है । शिक्षक ज्ञान देते हैं, हमारे बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं, वे शिक्षक मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत है । शिक्षक सामाजिक चुनौतियों का सामना के लिए सक्षम , सर्वांगीण नागरिकों एवं बच्चों के विकास में योगदान देते हैं ।
शिक्षिक छात्रों को नैतिक मूल्य सिखातें है, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं । वे न केवल ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं, बल्कि आलोचनात्मक सोच , संचार और समस्या -समाधान जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी सिखाते हैं । एक अच्छा शिक्षक छात्रों को आत्मविश्वास से भरता है और उन्हें कठिनाईयों का सामना करने के लिए तैयार करता है । उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हैं । शिक्षकों द्वारा दी गई नींव आने वाली पीढ़ी के भविष्य को आकार देती है और व्यापक समुदाय को प्रगति एवं समृद्धि में योगदान देती है । समाज में प्रेरित छात्र प्रेरित व्यक्ति बन जाते हैं , जो बदले में अपने आस – पड़ोस में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करते हैं । कहा भी जाता है कि ” माता – पिता तो बच्चों को जन्म देते हैं परन्तु एक सफल नागरिक एक शिक्षक ही बना सकते हैं ।”
अतः हम कह सकते हैं कि शिक्षक का एक देश की उन्नति में अहम योगदान है तो इसमें किसी भी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं होगी ।
आशीष अम्बर
(विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार