टीचर्स ऑफ बिहार आज बिहार का सबसे बड़ा और सशक्त लर्निंग प्लेटफॉर्म बन चुका है, जिसने शिक्षकों की प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार को पहचान देने का ऐतिहासिक कार्य किया है। यह मंच केवल एक डिजिटल समूह नहीं, बल्कि शिक्षकों की बौद्धिक ऊर्जा, रचनात्मकता और कर्मठता का जीवंत संगम है। इससे जुड़े हजारों शिक्षक नित्य नवीन शैक्षणिक प्रयोगों के माध्यम से शिक्षा को सार्थक दिशा दे रहे हैं।
टीचर्स ऑफ बिहार के माध्यम से शिक्षकों को अपनी योग्यता सिद्ध करने, अनुभव साझा करने और नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। इसका सकारात्मक प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है—शिक्षकों के प्रति सम्मान बढ़ रहा है, बच्चों में सीखने की रुचि जागृत हो रही है और शिक्षा को लेकर लोगों का दृष्टिकोण बदल रहा है। सच ही कहा जाए तो हमारे बच्चे बदल रहे हैं और उसके साथ हमारा बिहार भी निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
टीचर्स ऑफ बिहार की साहित्यिक वेबसाइटें गद्य गुंजन एवं पद पंकज बिहार के सभी जिलों के शिक्षकों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच प्रदान कर रही हैं, जहाँ उनकी रचनाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। इन प्रयासों को शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा भी निरंतर सराहना प्राप्त हो रही है, जो इस मंच की विश्वसनीयता और उपयोगिता को प्रमाणित करता है।
टीएलएम ग्रुप के माध्यम से शिक्षक अपनी शिक्षण सामग्री की रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी और रुचिकर बन रहा है। वहीं प्रज्ञानिका बच्चों की चित्रकारी, लेखन एवं सृजनात्मक क्षमताओं को मंच प्रदान कर उनके सर्वांगीण विकास को सुदृढ़ कर रही है।
संक्षेप में कहा जाए तो टीचर्स ऑफ बिहार शिक्षकों की छिपी प्रतिभा को निखारने, उन्हें समाज एवं राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु शिक्षकों को सक्षम और कुशल बनाने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
टीचर्स ऑफ बिहार के सातवें स्थापना दिवस के पावन अवसर पर इसके संस्थापक आदरणीय शिव कुमार सर को हार्दिक बधाई एवं अशेष शुभकामनाएँ। आपका सतत मार्गदर्शन, दूरदर्शी सोच और निस्वार्थ सेवा भाव शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर से कामना है कि आप इसी प्रकार शिक्षक हित, शिक्षा उत्थान और विश्वगुरु भारत के निर्माण में बिहार की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाते रहें।
सादर प्रणाम।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी,
विशिष्ट शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी,
राघोपुर, सुपौल