उल्लू बनाया बड़ा मज़ा आया : नीतू रानी

Nitu

विषय -सच्ची कहानी (गद्य गुंजन)।
शीर्षक -उल्लू बनाया बड़ा मज़ा आया।


सुषमा शादी कर पहली बार अपना ससुराल आती है तो वह बहुत खुश होती है। उसके परिवार वाले उससे बहुत प्यार करते हैं।एक दिन उसके पति झोला में तोड़ कर सिमर का फल लाया और अपनी पत्नी सुषमा से बोला, सुषमा इसका सब्जी बनाकर रखना मैं थोड़ा बाजार से आता हूँ , सुषमा बोली ठीक है जी आप बाजार से आईए मैं खाने में इसका सब्जी बनाकर रखूँगी।
सुषमा झोला से सिमर का फल निकाली और बार- बार उसको देखने लगी कि ऐसा फल कहीं देखें हैं मगर इसकी सब्जी तो कभी नहीं खाएंँ हैं,इसकी सब्जी बनाउ कैसे।
सुषमा मन में सोचने लगी कि मेरे पति इसकी सब्जी बनाने के लिए कहा है, नहीं बनाएँगे तो वो क्या कहेंगे एक सब्जी तुमको बनाने बोले वो भी तुमसे नही हुआ,इसकी सब्जी बनती है तभी तो पतिदेव मुझे बनाने बोले।
वो वहाँ से तुरंत उठी और हंसुआ लाई उसको छिलने और काटने के लिए, की तभी वहाँ उसकी छोटी ननद आ गई,ननद बोली अरे भाभी आप यहाँ क्या काट रहीं हैं, सुषमा बोली छोटी जी हम सब्जी काट रहे हैं आपके भैया इसकी सब्जी बनाकर रखने कहे हैं,वो बाज़ार से आकर इसी की‌ सब्जी चावल के साथ खाएँगे।
ये बात सुनकर उसकी छोटी बहन खूब जोर -जोर से हँसने लगी और बोली भैया ने आपको उल्लू बनाया और मुझे बड़ा मज़ा आया।ननद की बात जैसे हीं खत्म हुई कि उसके पति वहांँ आ धमके और बोले अभी तक सब्जी हीं काट रही है तो खाएँगे कब ,उस पर सुषमा बोली मुझे उल्लू बना रहे थे न रुकिए ।पति हँसकर वहाँ से कहते-कहते भागे उल्लू बनाया बड़ा मज़ा आया।और पत्नी सुषमा पति के पीछे -पीछे।


नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका,
स्वरचित सच्ची कहानी।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।

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