Category: हिन्दी कहानी

ruchika

प्रतिभा को अवसर : रूचिकाप्रतिभा को अवसर : रूचिका

0 Comments 10:43 pm

मनोहर और श्याम जब मिलते खेल में लग जाते, उन्हें खेलने के लिए किसी विशेष खिलौनों की जरूरत नही पड़ती।जो[...]

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धूप, टोकरी और जीवन की जद्दोजहद : स्मिता ठाकुरधूप, टोकरी और जीवन की जद्दोजहद : स्मिता ठाकुर

0 Comments 6:48 pm

स्कूल से लौटते वक्त रोज की तरह लोहिया चौक सुपौल पर ढाला गिरा हुआ था मतलब ट्रेन गुजरने वाली थी[...]

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जहां चाह , वहां राह : डॉ स्नेहलता द्विवेदीजहां चाह , वहां राह : डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 8:17 am

शहर की तंग गलियों का मुहल्ला हुसैन पूर । यहाँ के अधिकतर बाशिंदे मुसलमान थे ।तंग गलियों के अंदर कई[...]

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Nitu

उल्लू बनाया बड़ा मज़ा आया : नीतू रानीउल्लू बनाया बड़ा मज़ा आया : नीतू रानी

0 Comments 9:52 am

विषय -सच्ची कहानी (गद्य गुंजन)।शीर्षक -उल्लू बनाया बड़ा मज़ा आया। सुषमा शादी कर पहली बार अपना ससुराल आती है तो[...]

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ruchika

खुशियों का गुल्लक : रूचिकाखुशियों का गुल्लक : रूचिका

0 Comments 10:27 pm

दस वर्षीय राहुल मेले से खरीदे गुल्लक में रोज सिक्के डालता था। कभी 1₹, कभी 2₹, कभी 5₹, कभी 10₹।[...]

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सिरपंचमी का हल : अरविंद कुमारसिरपंचमी का हल : अरविंद कुमार

0 Comments 3:39 pm

गुनगुनी धूप, मंद हवा, मौसम का नशा प्रेम की अगन को और भड़काता है। यौवन अंगड़ाई लेने लगती हैं। तापमान[...]

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रेनुअल न्यू ईयर : अरविंद कुमाररेनुअल न्यू ईयर : अरविंद कुमार

0 Comments 11:51 am

“ना अब उ सब काम नहीं करेंगे…। बिल्कुल नहीं……..। एकदम कन्ट्रोल…।” दफ्तर के बड़ा बाबू रमेश वर्मा मन ही मन[...]

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बैड नम्बर सिक्स : अरविंद कुमारबैड नम्बर सिक्स : अरविंद कुमार

0 Comments 7:27 pm

डी.के. हॉस्पिटल पूर्णियां की दूसरी मंजिल के डायलिसिस वार्ड में मनोज नर कंकाल की तरह मोटे बेड पर लेटा हुआ[...]

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दशहरा का कपड़ा : अरविंद कुमारदशहरा का कपड़ा : अरविंद कुमार

0 Comments 9:54 am

रानीगंज भरगामा मोड़ से लेकर फारबिसगंज वाली रोड के पेट्रोल पंप तक तथा इधर अररिया वाली रोड में काली मंदिर[...]

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