Month: January 2023

Suresh

हृदय परिवर्तन -सुरेश कुमार गौरवहृदय परिवर्तन -सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 6:47 pm

कुंदन का परीक्षाफल आज निकलने वाला है। इसीलिए वह सुबह से ही दैनिक कार्यों से निवृत्त होने लगा। स्कूल जाने[...]

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Bimal Kumar

मैं नालायक नहीं- श्री विमल कुमार”विनोदमैं नालायक नहीं- श्री विमल कुमार”विनोद

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जीवन की वास्तविकता पर आधारितश्री विमल कुमार”विनोद”लिखित लघुकथा।सोहन नामक एक छोटा सा बालक जो कि परिवार का एकलौता,दुलारा पोता है।परिवार[...]

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Bimal Kumar

नालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमारनालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमार

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पृष्ठभूमि-सरोज नाम का एक लड़का है,जिसके पिता जी व्यवसाय करते हैं,माता जी गृहिणी हैं।पिता सुबह उठकर अपने दुकान पर चले[...]

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Bimal Kumar

हिन्दी भाषा और हमारी सोंच-श्री विमल कुमारहिन्दी भाषा और हमारी सोंच-श्री विमल कुमार

0 Comments 8:37 pm

बच्चा जब जन्म लेता है,उसके बाद धीरे-धीरे उसका विकास होता है,जिसमें बच्चा जन्म लेने के बाद सबसे पहले रोना,चूसना और[...]

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Bimal Kumar

नदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वनदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व

0 Comments 8:31 pm

“नदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व” स्थूल दृष्टिकोण से पृथ्वी के प्राकृतिक तथा भौतिक घटकों जैसे हवा,जल ,मृदा,वनस्पति को पर्यावरण[...]

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Bimal Kumar

अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 8:28 pm

गाँव-गंवई भाषा में समय की वास्तविकता पर आधारित लघुकथा।संक्षिप्त सार-जानवरों की चौपाल जिसमें कुत्ते,बिल्ली, कौआ,मैनागाय,बैल,भेड़-बकरी सारे चिंतित नजर आ रहे[...]

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Bimal Kumar

“कोई तो है”- श्री विमल कुमार”विनोद”“कोई तो है”- श्री विमल कुमार”विनोद”

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रमेश नामक एक छोटा सा बालक बचपन में अपने दरवाजे पर प्रतिदिन सड़क के किनारे खेलता था।एक दिन इसी क्रम[...]

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Sanjiv

जिम्मेवारी- संजीव प्रियदर्शीजिम्मेवारी- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 9:26 pm

शादी के तुरंत बाद बिटिया की बिदाई हो रही थी और वह माँ के गले लिपट कर जार-जार रोती जाती[...]

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Bimal Kumar

पछूवा कंपकपावे भूखवा दौड़ावे- श्री विमल कुमार”विनोद”पछूवा कंपकपावे भूखवा दौड़ावे- श्री विमल कुमार”विनोद”

0 Comments 8:41 pm

गाँव-गंवई भाषा में लिखल लघुकथा।कैलू नामक एक साधारण व्यक्ति जो कि दैनिक मजदूरी करके अपना तथा अपने परिवार का भरण-पोषण[...]

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