एक बार एक बहेलिया भगवान महावीर के पास आया और बोला-भगवन! मैं आपके धर्म में शामिल होना चाहता हूं और[...]
Category: भक्ति
आजादी का अमृत महोत्सव-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’आजादी का अमृत महोत्सव-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
आजादी का अमृत महोत्सव 15 अगस्त 1947 भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस जब भारत[...]
श्री कृष्ण की सोलह कलाएं-सुरेश कुमार गौरवश्री कृष्ण की सोलह कलाएं-सुरेश कुमार गौरव
श्री कृष्ण की सोलह कलाएं श्रीकृष्ण को कर्मयोगी सहित सोलह कलावतार से युक्त गुणों वाला भी[...]
हमारी संस्कृति का प्रतीक गंगा-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’हमारी संस्कृति का प्रतीक गंगा-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
हमारी संस्कृति का प्रतीक गंगा पापनाशिनी मोक्षदायिनी पुण्यसलिला अमरतरंगिनी। ताप त्रिविध माँ तू नसावनी तरल तरंग तुंग मन भावनी।। [...]