पटना विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है।अपनी ऐतिहासिक गाथा के क्रम में इस नगर के नाम कई बार[...]
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अंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
सुरेश बहुत खुश था। पिता बनने के सुख की अनुभूति से आह्लादित वो फुले नहीं समा रहा था। बार-बार भगवान[...]
एक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरवएक बेटी की उड़ान : सुरेश कुमार गौरव
गौरी को जब पहली बार आसमान में उड़ते हवाई जहाज़ को देखने का मौका मिला, वह बस चुपचाप उसे देखती[...]
मैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं भी तो बेटी हूं : डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या
सलमा धीरे धीरे आकर मेरे बगल में झिझकते और शर्माती हुई ख़डी हो गई। पहले तो मैंने उसे तवज्जो नहीं[...]
सुनीता का त्याग : लवली कुमारीसुनीता का त्याग : लवली कुमारी
खट-खट की आवाज सुन कर सुनीता ने कहा, “नैना देखो तो दरवाजा पर कोई आया है।” “मां, पार्सल वाले भैया[...]
असफलता से सफलता तक- सुरेश कुमार गौरवअसफलता से सफलता तक- सुरेश कुमार गौरव
रवि एक मेहनती लेकिन साधारण छात्र था। माध्यमिक की परीक्षा में असफल होने के बाद उसकी दुनिया जैसे अंधकारमय हो[...]
परीक्षा का सच- सुरेश कुमार गौरवपरीक्षा का सच- सुरेश कुमार गौरव
गाँव के छोटे से स्कूल में पढ़ने वाला सूरज पढ़ाई में औसत था। परीक्षा का नाम सुनते ही उसके माथे[...]
तेते पाँव पसारिए- मनु कुमारीतेते पाँव पसारिए- मनु कुमारी
मनुष्य को अपने सामर्थ्य के अनुसार हीं जीवन में खर्च करना चाहिए। ऐसा नहीं कि आमदनी अठन्नी हो और हम[...]
जीवन का दीपक- सुरेश कुमार गौरवजीवन का दीपक- सुरेश कुमार गौरव
गाँव के अंतिम छोर पर एक टूटी-फूटी झोपड़ी में बुजुर्ग हरिश्चंद्र रहते थे। उम्र के अंतिम पड़ाव पर उनका न[...]
रजिया की शादी- नीतू रानीरजिया की शादी- नीतू रानी
रजिया की माँ रजिया की शादी बारह वर्ष में करवा देना चाहती थी। यानी कि “बाल विवाह”, क्योंकि अगर रजिया[...]