सादा जीवन उच्च विचार के मूल्यों को चरितार्थ करने वाले डॉ 0 कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु[...]
Category: संदेशपरक
जीवन धर्मसंकट : धर्मेंद्र कुमार ठाकुरजीवन धर्मसंकट : धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
अतर्मन का कुरुक्षेत्र: जब विचार बनते हैं चक्रव्यूह और जीवन ‘धर्मसंकट’ मानव जीवन कोई साधारण यात्रा नहीं, बल्कि ब्रह्मांड का[...]
भारतीय लोकपर्व और हमारी सांस्कृतिक विरासत : नई पीढ़ी की जिम्मेदारी : आशीष अम्बरभारतीय लोकपर्व और हमारी सांस्कृतिक विरासत : नई पीढ़ी की जिम्मेदारी : आशीष अम्बर
विषय वस्तु :- भारत सांस्कृतिक विविधता वाला देश है । यहाँ की परम्पराएँ , कला , भाषा , रीति –[...]
सम एवं विषम संख्या : प्रियंका वर्मासम एवं विषम संख्या : प्रियंका वर्मा
शैक्षणिक गतिविधियां कभी-कभी शिक्षक कुछ ऐसी परिस्थितियों को रचते हैं जिससे बच्चे अपने आप को आनंदित महसूस करते हैं। वहां[...]
एक प्रवेश : स्मिता ठाकुरएक प्रवेश : स्मिता ठाकुर
एक प्रवेश… जिसने शिक्षा का वास्तविक अर्थ समझा दिया विद्यालय का कार्यालय उस दिन सामान्य दिनों की तरह ही व्यस्त[...]
लाल धब्बा : रूचिकालाल धब्बा : रूचिका
रोमा आज जैसे ही स्कूल पहुँची तभी उसकी सहेली शिखा ने बोला,अरे रोमा तेरे कपडे में कैसा दाग लगा है?यह[...]
रबीन्द्रनाथ टैगोर : आशीष अम्बररबीन्द्रनाथ टैगोर : आशीष अम्बर
व्यक्ति विशेष आलेख भारत की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक थे टैगोर । रबीन्द्रनाथ टैगोर जो भारत के महापुरुषों में से[...]
अल्पसंख्यक इलाके में बच्चों को स्कूल तक लाना : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअल्पसंख्यक इलाके में बच्चों को स्कूल तक लाना : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
बिहार की साक्षरता दर भारत के औसत दर से कम है उसपर बिहार के पिछड़े इलाके इस अल्पसंख्यक इलाके का[...]
जहां चाह , वहां राह : डॉ स्नेहलता द्विवेदीजहां चाह , वहां राह : डॉ स्नेहलता द्विवेदी
शहर की तंग गलियों का मुहल्ला हुसैन पूर । यहाँ के अधिकतर बाशिंदे मुसलमान थे ।तंग गलियों के अंदर कई[...]
नशा सेवन : युवा फैशन : हर्ष नारायण दासनशा सेवन : युवा फैशन : हर्ष नारायण दास
नशा सेवन को भारत के युवा एक फैशन से समझते हैं।नशा सेवन के रूप में मादक द्रव्यों के इस्तेमाल का[...]