अरे मुझे नहीं देखो -देखो इसे लगाओमोहन ,राजा, मीना ,गीता आज विधालय में बहुत मस्ती कर रहे थे। क्योंकि कल[...]
Category: संदेशपरक
संध्या पाठशाला – धीरज कुमारसंध्या पाठशाला – धीरज कुमार
बात आज से लगभग तीन वर्ष पहले की है। ठंडी की शुरुआत हो चुकी थी।शादी विवाह में बजने वाला शोर[...]
बाल कथा – निधि चौधरीबाल कथा – निधि चौधरी
चंचल वन में जलेबी दौड़ का आयोजन किया गया। राजा शेर सिंह ने सभी जानवरों को कबूतर काका द्वारा यह[...]
स्वामी विवेकानंद के संदेश उपयोगी व ग्राह्य- गिरीन्द्र मोहन झास्वामी विवेकानंद के संदेश उपयोगी व ग्राह्य- गिरीन्द्र मोहन झा
स्वामी विवेकानंद का आज निर्वाण दिवस है। आज ही के दिन 4 जुलाई, 1902 को उन्होंने अपने देह का त्याग[...]
कर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झाकर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झा
कहना कठिन है, कर्म पहले आया अथवा विचार? रामायण के किष्किन्धाकाण्ड में केवल विचार है, तो परिणाम कुछ नहीं, लंकाकाण्ड[...]
शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झाशुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झा
रावण के द्वारा दी गयी शिक्षा शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम्(शुभ कार्य जब मन में आए तो उसे शीघ्र कर लो,[...]
समर्पण से शक्ति तक, पांच साल बेमिसाल – डॉ मनीष कुमारसमर्पण से शक्ति तक, पांच साल बेमिसाल – डॉ मनीष कुमार
#पांच साल बेमिसाल बिहार के शिक्षा विभाग में शिक्षकों ने स्वप्रेरणा से एक ऐसी गतिविधि से जुड़ते गए जहां से[...]
“समाज को बदल डालो – विमल कुमार ‘विनोद’“समाज को बदल डालो – विमल कुमार ‘विनोद’
— एक रंगमंचीय नाटक ओपनिंग दृश्य- सुबह का समय मंदिर का दृश्य,बहुत सारे लोग मंदिर में हैं,घंटी बजती है,आरती शुरू[...]
नालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमारनालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमार
पृष्ठभूमि-सरोज नाम का एक लड़का है,जिसके पिता जी व्यवसाय करते हैं,माता जी गृहिणी हैं।पिता सुबह उठकर अपने दुकान पर चले[...]
जिम्मेवारी- संजीव प्रियदर्शीजिम्मेवारी- संजीव प्रियदर्शी
शादी के तुरंत बाद बिटिया की बिदाई हो रही थी और वह माँ के गले लिपट कर जार-जार रोती जाती[...]