Day: June 10, 2025

पहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरवपहला झूठ और पहली सज़ा : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 1:13 pm

बचपन में कोई सिखाता नहीं कि झूठ बोलना बुरा है, पर जब बोलते हैं और पकड़े जाते हैं – तभी[...]

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कछुआ: धैर्य, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक : सुरेश कुमार गौरवकछुआ: धैर्य, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 1:10 pm

प्रस्तावना: प्रकृति में ऐसे अनेक जीव हैं जो मौन रहते हुए भी हमें जीवन की महान शिक्षाएँ दे जाते हैं।[...]

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राजा राममोहन राय : आधुनिक भारत के अग्रदूत : सुरेश कुमार गौरवराजा राममोहन राय : आधुनिक भारत के अग्रदूत : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 1:03 pm

प्रस्तावना: भारत के नवजागरण की जब भी चर्चा होती है, राजा राममोहन राय का नाम सम्मानपूर्वक लिया जाता है। वे[...]

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नाम और यश : गिरीन्द्र मोहन झानाम और यश : गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 1:00 pm

महापुरुष अज्ञात, निर्वाक और शांत होते हैं।महापुरुष नाम-यश के गुलाम नहीं होते हैं। वे शब्दों(निन्दा-स्तुति) के भी गुलाम नहीं होते[...]

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वट सावित्री व्रत : गिरीन्द्र मोहन झावट सावित्री व्रत : गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 12:58 pm

महाभारत के वनपर्व में महामुनि मार्कण्डेय जब पाण्डवों से मिलते हैं तो पाण्डव उनसे बहुत सारे प्रश्न करते हैं, उनमें[...]

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Amarnath Trivedi

शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 12:45 pm

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । वह बंधनों से मुक्त होना नहीं चाहता । वह इससे जुड़कर ही अपनी कामयाबी[...]

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आशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरवआशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 12:22 pm

जीवन एक प्रवाह है—कभी शांत, कभी उग्र; कभी सरल, तो कभी दुर्गम। इस प्रवाह के मध्य यदि कोई तत्व हमें[...]

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विषय में या विषय के प्रति रुचि व जिज्ञासा जगाना शिक्षक की कला : गिरीन्द्र मोहन झाविषय में या विषय के प्रति रुचि व जिज्ञासा जगाना शिक्षक की कला : गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 11:59 am

शिक्षक के तीन ही प्रमुख गुण होते हैं।- विषय का गंभीर ज्ञान (content knowledge), सम्प्रेषण कौशल(communication skill) और शिक्षण-शास्त्र(Pedagogy)। कहते[...]

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बचपन और उसकी यादें : रूचिकाबचपन और उसकी यादें : रूचिका

0 Comments 11:53 am

बचपन और उसकी यादें जब भी जेहन में आ जाती हैं तो होठों पर बरबस ही मुस्कान चली आती हैं।बचपन[...]

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