पृष्ठभूमि-मनोज एक दिन टहलते हुये गाँधी मैदान पटना पहुंचा।वहाँ उन्होंने एक बालक को एक “कागज का टुकड़ा” उठाकर पढ़ते देखा।बालक[...]
जीवन की दुर्दशा”-श्री विमल कुमार “विनोद”जीवन की दुर्दशा”-श्री विमल कुमार “विनोद”
एक छोटा सा बालक एक अमीर के घर में जन्म लेता है।जन्म के बाद सबसे पहले उसका नामकरण एक ज्ञानी[...]
महाविनाश”-श्री विमल कुमार “विनोद”महाविनाश”-श्री विमल कुमार “विनोद”
पृष्ठभूमि-(अचानक बादल फटने की आवाज की खबर)श्याम-(चिल्लाकर)भागो-भागो, जल्दी भागो,बाढ़,बाढ़,लोग पानी में बह गये,भागो-भागो।शंकर-(आश्चर्य से)क्या हुआ भाई,यह भागो-भागो,बाढ़-बाढ़ की आवाज कहाँ[...]
वृक्ष की व्यथा- श्री विमल कुमार “विनोद”वृक्ष की व्यथा- श्री विमल कुमार “विनोद”
एक लघु नाटिका कास्टिंग सीन-जंगल का दृश्य। (अंधेरी रात,जंगल में शेर,चीता, भालू,सियार तथा अन्य जानवरों की आवाज,इसी बीच जंगल में[...]
“पर्यावरण की तबाही”- श्री विमल कुमार “विनोद”“पर्यावरण की तबाही”- श्री विमल कुमार “विनोद”
कास्टिंग सीन-बचाओ,बचाओ,अरे कोई तो बचाओ,बचने का कोई भी उपाय तो बताओ। चारों ओर तबाही ही तबाही नजर आ रही है।(नेपथ्य[...]
“औघड़”- ,पार्ट-02- श्री विमल कुमार “विनोद”“औघड़”- ,पार्ट-02- श्री विमल कुमार “विनोद”
संक्षिप्त सार-महेश एक साधारण गरीब परिवार का लड़का जो कि गणित से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त करने के बाद लगातार[...]
जीत की हार-संजीव प्रियदर्शीजीत की हार-संजीव प्रियदर्शी
मनोहर अपनी बूढ़ी मां को कोर्ट के फैसले की प्रतिलिपि दिखाते हुए जरा हास मुख से बोला- ‘ मां,देखो न![...]
जनसंख्या-विस्फोटजनसंख्या-विस्फोट
कास्टिंग दृश्य-शहर के चौक का दृश्य।समय-एक बजे दिन।(बहुतसारे बच्चे हाथों में कटोरा में रखीभोजन को खाने के लिये छीना-झपटी कर[...]
चुड़ैल का डर- श्री विमल कुमार” विनोद”चुड़ैल का डर- श्री विमल कुमार” विनोद”
सामाजिक अंधविश्वास पर आधारित श्री विमल कुमार” विनोद” लिखित लघुकथा।यह लघुकथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्र का है जहाँ पर गाँव के[...]
गरीबी की कब्र पर पनपी हँसी-श्री विमल कुमार” विनोद”गरीबी की कब्र पर पनपी हँसी-श्री विमल कुमार” विनोद”
एक बड़े शहर के चंराहे पर सुबह के 10 बजे एक चमचमाती हुई कार ट्रैफिक पर आकर लगती है।उसी समय[...]