संवाद ही तो जीवन में प्रेम का आधार बनाता है,
अनकहे एहसासों को भी शब्दों से समझाता है।
बातचीत से ही रिश्तों में विश्वास पलता है,
संवाद की डोर से हर बिखरा रिश्ता सँभलता है।
जहाँ संवाद जीवित रहता है, वहाँ प्रेम और अपनापन सदा महकता है।
रिंजू कुमारी
फॉर्बेसगंज अररिया
बिहार
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