परीक्षा के बाद स्कूल में गर्मी की लंबी छुट्टी होते ही हम खुशी से उछल पड़ते थे। सबसे बड़ी ख़ुशी[...]
बाबा नागार्जुन की जयन्ती : हर्ष नारायण दासबाबा नागार्जुन की जयन्ती : हर्ष नारायण दास
नागार्जुन का जन्म1911 ईस्वी की ज्येष्ठ पूर्णिमा को वर्त्तमान मधुबनी जिले के सतलखा में हुआ था।यह सतलखा गाँव उनका ननिहाल[...]
लाल धब्बा : रूचिकालाल धब्बा : रूचिका
रोमा आज जैसे ही स्कूल पहुँची तभी उसकी सहेली शिखा ने बोला,अरे रोमा तेरे कपडे में कैसा दाग लगा है?यह[...]
प्रसन्नता : गिरीन्द्र मोहन झाप्रसन्नता : गिरीन्द्र मोहन झा
प्रसन्नता का जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। प्रसन्न मन में उमंग, उल्लास, उत्साह सदैव भरा होता है।… शुभ, श्रेष्ठ व[...]
मकान नं -31 : अरविंदमकान नं -31 : अरविंद
कुछ दिन पहले जनगणना करते -करते हम एक ऋषिदेव टोला पहुंचे। टोले के बीचों – बीच एक टूटी -फुटी सड़क[...]
कछुआ दिवस-बुरे कर्मों का बुरा फल : नीतू रानीकछुआ दिवस-बुरे कर्मों का बुरा फल : नीतू रानी
शीर्षक -बुरे कर्मों का बुरा फल।(राजा धृतराष्ट्र की कहानी) महाभारत का धृतराष्ट्र जो दुर्योधन का पिता था।वह पिछले जन्म में[...]
बाल्यावस्था और किशोरावस्था: गिरीन्द्र मोहन झाबाल्यावस्था और किशोरावस्था: गिरीन्द्र मोहन झा
जीवन को कुछ अवस्थाओं में बांटा गया है- गर्भावस्था, शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, युवावस्था, प्रौढ़ावस्था या वृद्धावस्था। सभी अवस्थाओं के अपने[...]
शिक्षा : गिरीन्द्र मोहन झाशिक्षा : गिरीन्द्र मोहन झा
आज के शिक्षा की हकीकत यह हो चुकी है कि सरकारी विद्यालयों में वैसे बच्चे उपस्थिति के साथ पढ़ रहे[...]
अनजान शहर : रूचिकाअनजान शहर : रूचिका
स्टेशन पर कदम रखते ही सुधीर को लगा कि मानो यहाँ पहले आ चुका है।हालाँकि वह पहली बार इस शहर[...]
रबीन्द्रनाथ टैगोर : आशीष अम्बररबीन्द्रनाथ टैगोर : आशीष अम्बर
व्यक्ति विशेष आलेख भारत की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक थे टैगोर । रबीन्द्रनाथ टैगोर जो भारत के महापुरुषों में से[...]