हमें जो स्वस्थ पर्यावरण विरासत में मिला है , वह हमारे पास भावी पीढ़ी की धरोहर है । भावी पीढ़ी[...]
मैं हूं शिक्षक : आशीष अम्बरमैं हूं शिक्षक : आशीष अम्बर
एक शिक्षक का शिक्षा के प्रति नजरिया : – शिक्षा समाज के विकास का आधारशिला है , जिससे देश का[...]
विश्व स्वास्थ्य दिवस : गिरीन्द्र मोहन झाविश्व स्वास्थ्य दिवस : गिरीन्द्र मोहन झा
आज विश्व स्वास्थ्य दिवस (World health day) है । 7 अप्रैल 1948 को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) की स्थापना की[...]
उन्नत बिहार उज्ज्वल बिहार की परिकल्पना : अमृता कुमारीउन्नत बिहार उज्ज्वल बिहार की परिकल्पना : अमृता कुमारी
यह बुद्ध-महावीर की तपोभूमि है, चाणक्य-अशोक की कर्मभूमि, नालंदा का ज्ञान है इसमें, लोकतंत्र का पहला पाठ है जहाँ, हाँ…[...]
महापुरुष : गिरीन्द्र मोहन झामहापुरुष : गिरीन्द्र मोहन झा
जितने भी महापुरुष हुए हैं, पुस्तकें पढ़ना, कुछ लेखन कार्य करना, नये-नये चीजों से अद्यतन रहना उनका शौक रहा है।…..[...]
माखनलाल चतुर्वेदी : हर्ष नारायण दासमाखनलाल चतुर्वेदी : हर्ष नारायण दास
भारत की मिट्टी ने एक ऐसा तपः पूत रचा जो आत्मा से गाँधी था,आस्था में क्रान्ति, गति में कर्म था,और[...]
मानव जीवन के उत्थान में नारी की भूमिका : आशीष अम्बरमानव जीवन के उत्थान में नारी की भूमिका : आशीष अम्बर
आज की नारी जीवन और समाज के हर क्षेत्र में कुछ करिश्मा कर दिखाने की चाह रखती है । उसमें[...]
श्रीहनुमानजी की जयंती पर आलेख: गिरीन्द्र मोहन झाश्रीहनुमानजी की जयंती पर आलेख: गिरीन्द्र मोहन झा
श्रीहनुमानजी अंजना और केसरी के पुत्र हैं। ग्यारहवां रुद्रावतार हैं। वे आठ चिरजीवियों में एक हैं । कलियुग के जीवित[...]
अल्पसंख्यक इलाके में बच्चों को स्कूल तक लाना : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअल्पसंख्यक इलाके में बच्चों को स्कूल तक लाना : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
बिहार की साक्षरता दर भारत के औसत दर से कम है उसपर बिहार के पिछड़े इलाके इस अल्पसंख्यक इलाके का[...]
जहां चाह , वहां राह : डॉ स्नेहलता द्विवेदीजहां चाह , वहां राह : डॉ स्नेहलता द्विवेदी
शहर की तंग गलियों का मुहल्ला हुसैन पूर । यहाँ के अधिकतर बाशिंदे मुसलमान थे ।तंग गलियों के अंदर कई[...]