Author: Anupama Priyadarshini

Sanjiv

वचनसीमा – संजीव प्रियदर्शीवचनसीमा – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 4:32 am

एक लघुकथा कपड़े के दो डिब्बे पति मनोहर को देती हुई बोली-‘ एक में तुम्हारी पसंद के शर्ट-पैंट हैं और[...]

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Sanjiv

पगला है- संजीव प्रियदर्शीपगला है- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 10:55 am

लघुकथा सनोज दास जिस दिन नौकरी में आये,उस दिन उनके हिस्से की ऊपरी कमाई ढ़ाई सौ रुपये बनती थी।साथी अहलकार[...]

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Sanjiv

अपना-पराया- संजीव प्रियदर्शीअपना-पराया- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 9:40 pm

लघुकथा आज देर शाम रघुनाथ जब घर लौटा तो पत्नी राधिका को डरी-सहमी मकान के सामने बरसाती में पाया। कारण[...]

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Sanjiv

इनकलाब- संजीव प्रियदर्शीइनकलाब- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 8:13 pm

ब्रिटिश हुकूमत का काल था।उस समय भारतीय समाज अनेक कुप्रथाओं से दूषित पड़ा था, जिसमें नरबलि का प्रचालन भी जोरों[...]

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