Category: वेदना

सम्मानों का गोरखधंधा.. स्वराक्षी स्वरासम्मानों का गोरखधंधा.. स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 10:37 am

सम्मानों का गोरखधंधा (आलेख) जी हां,बिल्कुल सही सुना आपने। आज के इस भावहीन दौर में हर चीज़ की ख़रीद फरोख्त[...]

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आशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरवआशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 12:22 pm

जीवन एक प्रवाह है—कभी शांत, कभी उग्र; कभी सरल, तो कभी दुर्गम। इस प्रवाह के मध्य यदि कोई तत्व हमें[...]

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जीवन का दीपक- सुरेश कुमार गौरवजीवन का दीपक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:48 pm

गाँव के अंतिम छोर पर एक टूटी-फूटी झोपड़ी में बुजुर्ग हरिश्चंद्र रहते थे। उम्र के अंतिम पड़ाव पर उनका न[...]

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Mohammad Jahir

यार, तूने तो सब को रूला दिया – मो.जाहिद हुसैनयार, तूने तो सब को रूला दिया – मो.जाहिद हुसैन

0 Comments 6:50 pm

    वह दोस्ती ही क्या? जिसमें सब मीठा ही मीठा हो। दो दोस्त होंगे तो बीच-बीच में खींचातानी भी[...]

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Bimal Kumar

वृक्ष की व्यथा- श्री विमल कुमार “विनोद”वृक्ष की व्यथा- श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 7:55 pm

एक लघु नाटिका कास्टिंग सीन-जंगल का दृश्य। (अंधेरी रात,जंगल में शेर,चीता, भालू,सियार तथा अन्य जानवरों की आवाज,इसी बीच जंगल में[...]

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vinod kumar Vimal

दास्तां-ए-जिन्दगी – श्री विमल कुमार”विनोद”दास्तां-ए-जिन्दगी – श्री विमल कुमार”विनोद”

0 Comments 9:28 pm

सोहन नामक एक छोटा सा बालक, जिसका जन्म एक साधारण निर्धन परिवार में हुआ था।वह बालक बचपन में तो पढ़ने-लिखने[...]

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Sanjiv

धरती रो पड़ेगी – संजीव प्रियदर्शीधरती रो पड़ेगी – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 4:47 pm

रमिया और टुनका दहाड़ें मार कर रो रहे थे। रोते भी क्यों नहीं, जिगर का एक ही तो टुकड़ा था[...]

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