परिचय – शिक्षा पूर्ण मानव क्षमता को प्राप्त करने, एक न्यायसंगत और न्यायपूर्ण समाज के विकास और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने[...]
छाँव की पंचायत- सुरेश कुमार गौरव छाँव की पंचायत- सुरेश कुमार गौरव
गर्मी की तपती दोपहर थी। खेतों के किनारे सात-आठ वृक्षों के झुंड छाया बिखेर रही थी। उनकी शाखाएँ ऐसे फैलीं[...]
सम्राट अशोक मौर्य : युद्ध से धम्म तक की यात्रा- सुरेश कुमार गौरवसम्राट अशोक मौर्य : युद्ध से धम्म तक की यात्रा- सुरेश कुमार गौरव
भारतवर्ष के इतिहास में जब भी एक ऐसे सम्राट की चर्चा होती है जिसने केवल तलवार की धार से नहीं,[...]
ज्ञान की सच्ची पहचान- सुरेश कुमार गौरवज्ञान की सच्ची पहचान- सुरेश कुमार गौरव
गाँव के एक सरकारी विद्यालय में रमेश नाम के शिक्षक अन्य शिक्षकों की तरह वे भी पढ़ाते थे। उसकी सादगी,[...]
बच्चों की होली- लवली कुमारीबच्चों की होली- लवली कुमारी
अरे मुझे नहीं देखो -देखो इसे लगाओमोहन ,राजा, मीना ,गीता आज विधालय में बहुत मस्ती कर रहे थे। क्योंकि कल[...]
जोगीरा सा…रा..रा..रा- अरविंद कुमारजोगीरा सा…रा..रा..रा- अरविंद कुमार
कार्यालय में होली की छुट्टी हुई , तो मन बिजली की रफ्तार से गांव पहुंच गया । और फिर याद[...]
संध्या पाठशाला – धीरज कुमारसंध्या पाठशाला – धीरज कुमार
बात आज से लगभग तीन वर्ष पहले की है। ठंडी की शुरुआत हो चुकी थी।शादी विवाह में बजने वाला शोर[...]
कृतघ्नता – अमरनाथ त्रिवेदीकृतघ्नता – अमरनाथ त्रिवेदी
बचपन में माता-पिता से किसे प्यार नहीं होता परन्तु जब बालक वयस्क बन जाता है और उसकी शादी हो जाती[...]
परोपकार का प्रतिफल – अमरनाथ त्रिवेदीपरोपकार का प्रतिफल – अमरनाथ त्रिवेदी
अमीर लोगों को लगता है कि मैं बड़ा हूँ। अधिक पढ़े लिखे लोगों को लगता है कि मैं किसी से[...]
विश्वास जीतने का प्रतिफल- अमरनाथ त्रिवेदी विश्वास जीतने का प्रतिफल- अमरनाथ त्रिवेदी
जब विश्वास की डोर एक दूसरे के साथ बँधती है तब एक दूसरे के साथ कार्य करने की नयी संस्कृति[...]