Bimal Kumar

अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”

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गाँव-गंवई भाषा में समय की वास्तविकता पर आधारित लघुकथा।संक्षिप्त सार-जानवरों की चौपाल जिसमें कुत्ते,बिल्ली, कौआ,मैनागाय,बैल,भेड़-बकरी सारे चिंतित नजर आ रहे[...]

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Bimal Kumar

“कोई तो है”- श्री विमल कुमार”विनोद”“कोई तो है”- श्री विमल कुमार”विनोद”

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रमेश नामक एक छोटा सा बालक बचपन में अपने दरवाजे पर प्रतिदिन सड़क के किनारे खेलता था।एक दिन इसी क्रम[...]

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Sanjiv

जिम्मेवारी- संजीव प्रियदर्शीजिम्मेवारी- संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 9:26 pm

शादी के तुरंत बाद बिटिया की बिदाई हो रही थी और वह माँ के गले लिपट कर जार-जार रोती जाती[...]

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Bimal Kumar

पछूवा कंपकपावे भूखवा दौड़ावे- श्री विमल कुमार”विनोद”पछूवा कंपकपावे भूखवा दौड़ावे- श्री विमल कुमार”विनोद”

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गाँव-गंवई भाषा में लिखल लघुकथा।कैलू नामक एक साधारण व्यक्ति जो कि दैनिक मजदूरी करके अपना तथा अपने परिवार का भरण-पोषण[...]

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Bimal Kumar

माँ का साया- श्री विमल कुमार “विनोद”माँ का साया- श्री विमल कुमार “विनोद”

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रबिया नामक एक साधारण परिवार की औरत जो कि बड़े अरमान के साथ अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को[...]

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Sanjiv

असली कमाई-संजीव प्रियदर्शीअसली कमाई-संजीव प्रियदर्शी

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चिलचिलाती धूप में ठेले पर ईख का रस बेचने वाले एक दिहाड़ी से मैंने पूछ लिया- ‘ दोपहर की इस[...]

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Bimal Kumar

पागल कौन?” -श्री विमल कुमार”विनोद”पागल कौन?” -श्री विमल कुमार”विनोद”

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श्री विमल कुमार”विनोद”लिखितनरेश नामक एक छोटा सा बालक जो कि बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का था जिसका जन्म एक[...]

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Bimal Kumar

“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार

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ओपनिंग दृश्य गाँव का दृश्य-बहुत सारे बच्चे-बच्चियाँ खेल रहे हैं।कुछ बच्चे गाय-बकरी चराने जा रहे हैं।इसी समय कुछ बच्चे जिनके[...]

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Bimal Kumar

“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”

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मोनू नामक एक छोटा सा बालक जिसकी माता अपने पति के प्रताड़ना से त्रस्त होकर अपनी जीवन लीला को समाप्त[...]

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