Tag: श्री विमल कुमार"विनोद"

Bimal Kumar

“समाज को बदल डालो – विमल कुमार ‘विनोद’“समाज को बदल डालो – विमल कुमार ‘विनोद’

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— एक रंगमंचीय नाटक ओपनिंग दृश्य- सुबह का समय मंदिर का दृश्य,बहुत सारे लोग मंदिर में हैं,घंटी बजती है,आरती शुरू[...]

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Bimal Kumar

वृक्ष धन अर्जन का एक साधन- श्री विमल कुमार”विनोद”वृक्ष धन अर्जन का एक साधन- श्री विमल कुमार”विनोद”

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(राष्ट्रीय बालिका दिवस पर श्री विमल कुमार”विनोद” की प्रस्तुति।)23 वर्षीय मोहन एक सीधा- साधा खूबसूरत लड़का जो कि कर्मठ लेकिन[...]

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vinod kumar Vimal

कालचक्र- श्री विमल कुमार विनोदकालचक्र- श्री विमल कुमार विनोद

0 Comments 7:51 pm

।मोहन बाबू जो कि एक दफ्तर में काम करते थे।कामकाज करते-करते इनको यह महसूस होने लगता है कि अब जीवन[...]

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vinod kumar Vimal

मूल्यों के विकास में परिवार की भूमिका- विमल कुमार विनोदमूल्यों के विकास में परिवार की भूमिका- विमल कुमार विनोद

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मूल्य शब्द का शाब्दिक अर्थ है-उपयोगिता या वांछनीयता।सामान्यतः किसी समाज में उन आदर्शों को महत्व दिया जाता है,जिनसे उस समाज[...]

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vinod kumar Vimal

सदव्यवहार- विमल कुमार विनोदसदव्यवहार- विमल कुमार विनोद

0 Comments 8:07 pm

किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसका व्यवहार बहुत कीमती चीज माना जाता है।व्यवहार किसी भी व्यक्ति के जीवन का[...]

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Bimal Kumar

जलती चितायें- श्री विमल कुमार”विनोद”जलती चितायें- श्री विमल कुमार”विनोद”

0 Comments 8:24 pm

श्री विमल कुमार”विनोद”लिखित लघुकथा।मोहन बाबू जो कि एक दफ्तर में काम करते हैं।इनके परिवार में कुल मिलाकर लगभग दस सदस्य[...]

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Bimal Kumar

नालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमारनालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमार

0 Comments 8:05 pm

पृष्ठभूमि-सरोज नाम का एक लड़का है,जिसके पिता जी व्यवसाय करते हैं,माता जी गृहिणी हैं।पिता सुबह उठकर अपने दुकान पर चले[...]

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Bimal Kumar

हिन्दी भाषा और हमारी सोंच-श्री विमल कुमारहिन्दी भाषा और हमारी सोंच-श्री विमल कुमार

0 Comments 8:37 pm

बच्चा जब जन्म लेता है,उसके बाद धीरे-धीरे उसका विकास होता है,जिसमें बच्चा जन्म लेने के बाद सबसे पहले रोना,चूसना और[...]

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Bimal Kumar

नदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वनदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व

0 Comments 8:31 pm

“नदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व” स्थूल दृष्टिकोण से पृथ्वी के प्राकृतिक तथा भौतिक घटकों जैसे हवा,जल ,मृदा,वनस्पति को पर्यावरण[...]

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Bimal Kumar

अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 8:28 pm

गाँव-गंवई भाषा में समय की वास्तविकता पर आधारित लघुकथा।संक्षिप्त सार-जानवरों की चौपाल जिसमें कुत्ते,बिल्ली, कौआ,मैनागाय,बैल,भेड़-बकरी सारे चिंतित नजर आ रहे[...]

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