— एक रंगमंचीय नाटक ओपनिंग दृश्य- सुबह का समय मंदिर का दृश्य,बहुत सारे लोग मंदिर में हैं,घंटी बजती है,आरती शुरू[...]
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वृक्ष धन अर्जन का एक साधन- श्री विमल कुमार”विनोद”वृक्ष धन अर्जन का एक साधन- श्री विमल कुमार”विनोद”
(राष्ट्रीय बालिका दिवस पर श्री विमल कुमार”विनोद” की प्रस्तुति।)23 वर्षीय मोहन एक सीधा- साधा खूबसूरत लड़का जो कि कर्मठ लेकिन[...]
कालचक्र- श्री विमल कुमार विनोदकालचक्र- श्री विमल कुमार विनोद
।मोहन बाबू जो कि एक दफ्तर में काम करते थे।कामकाज करते-करते इनको यह महसूस होने लगता है कि अब जीवन[...]
मूल्यों के विकास में परिवार की भूमिका- विमल कुमार विनोदमूल्यों के विकास में परिवार की भूमिका- विमल कुमार विनोद
मूल्य शब्द का शाब्दिक अर्थ है-उपयोगिता या वांछनीयता।सामान्यतः किसी समाज में उन आदर्शों को महत्व दिया जाता है,जिनसे उस समाज[...]
सदव्यवहार- विमल कुमार विनोदसदव्यवहार- विमल कुमार विनोद
किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसका व्यवहार बहुत कीमती चीज माना जाता है।व्यवहार किसी भी व्यक्ति के जीवन का[...]
जलती चितायें- श्री विमल कुमार”विनोद”जलती चितायें- श्री विमल कुमार”विनोद”
श्री विमल कुमार”विनोद”लिखित लघुकथा।मोहन बाबू जो कि एक दफ्तर में काम करते हैं।इनके परिवार में कुल मिलाकर लगभग दस सदस्य[...]
नालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमारनालायक बेटा”एक लघुकथा- श्री विमल कुमार
पृष्ठभूमि-सरोज नाम का एक लड़का है,जिसके पिता जी व्यवसाय करते हैं,माता जी गृहिणी हैं।पिता सुबह उठकर अपने दुकान पर चले[...]
हिन्दी भाषा और हमारी सोंच-श्री विमल कुमारहिन्दी भाषा और हमारी सोंच-श्री विमल कुमार
बच्चा जब जन्म लेता है,उसके बाद धीरे-धीरे उसका विकास होता है,जिसमें बच्चा जन्म लेने के बाद सबसे पहले रोना,चूसना और[...]
नदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वनदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व
“नदी का धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व” स्थूल दृष्टिकोण से पृथ्वी के प्राकृतिक तथा भौतिक घटकों जैसे हवा,जल ,मृदा,वनस्पति को पर्यावरण[...]
अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”अब क्या होगा श्री विमल कुमार “विनोद”
गाँव-गंवई भाषा में समय की वास्तविकता पर आधारित लघुकथा।संक्षिप्त सार-जानवरों की चौपाल जिसमें कुत्ते,बिल्ली, कौआ,मैनागाय,बैल,भेड़-बकरी सारे चिंतित नजर आ रहे[...]