चिलचिलाती धूप में ठेले पर ईख का रस बेचने वाले एक दिहाड़ी से मैंने पूछ लिया- ‘ दोपहर की इस[...]
Month: December 2022
आदर्श-अमरनाथ त्रिवेदीआदर्श-अमरनाथ त्रिवेदी
कहते हैं समय की मार एक न एक दिन सब पर अवश्य पड़ती है; चाहे कोई कितना भी बलशाली और[...]
पागल कौन?” -श्री विमल कुमार”विनोद”पागल कौन?” -श्री विमल कुमार”विनोद”
श्री विमल कुमार”विनोद”लिखितनरेश नामक एक छोटा सा बालक जो कि बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का था जिसका जन्म एक[...]
“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार
ओपनिंग दृश्य गाँव का दृश्य-बहुत सारे बच्चे-बच्चियाँ खेल रहे हैं।कुछ बच्चे गाय-बकरी चराने जा रहे हैं।इसी समय कुछ बच्चे जिनके[...]
“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”
मोनू नामक एक छोटा सा बालक जिसकी माता अपने पति के प्रताड़ना से त्रस्त होकर अपनी जीवन लीला को समाप्त[...]
बेटी की मुस्कुराहट-श्री विमल कुमार “विनोद”बेटी की मुस्कुराहट-श्री विमल कुमार “विनोद”
संक्षिप्त सार- शमशान में एक लावारिश लड़की के लाश को जलाया जा रहा है।उसी समय उस रास्ते से मोहन और[...]
तरकीब-संजीव प्रियदर्शीतरकीब-संजीव प्रियदर्शी
उस रोज मुझे रात की ट्रेन से घर लौटना था। चूंकि मैंने जाते समय ही यह सोच कर वापसी का[...]
सच्ची घटना- दया शंकर गुप्तासच्ची घटना- दया शंकर गुप्ता
शाम के 7 बजे होंगे, अंश की माँ खाना बनाकर जब बाहर के रूम में बच्चों के पास आई तो[...]
मंजर-श्री विमल कुमारमंजर-श्री विमल कुमार
मंजर” में आम के मंजर से वसंत ॠतु के आवे के संकेत मिलऽ हे।कोयल के कूक के जेकरा वर्णन बहुत[...]
पृथ्वी को बचाना-एक चुनौती पूर्ण कार्य-श्री विमल कुमार
“विनोद”पृथ्वी को बचाना-एक चुनौती पूर्ण कार्य-श्री विमल कुमार
“विनोद”
साधारणअर्थ में पृथ्वी जिसे पर्यावरण कहा जाता है जिसका शाब्दिक अर्थ है”परि”अर्थात बाहरी तथा आवरण का अर्थ हुआ ढका हुआ।दूसरे[...]