रात के दो बजे है । निशाचर झींगुर लयबद्ध होकर अपने बच्चों को लोरी सुना रहा है “ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र…..।दूर खेतों में[...]
रात के दो बजे है । निशाचर झींगुर लयबद्ध होकर अपने बच्चों को लोरी सुना रहा है “ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र..ट्रिर्र-ट्रिर्र…..।दूर खेतों में[...]