एक लघु नाटिका पृष्ठभूमि- गर्मी,गर्मी,शरीर गर्मीसे जल रहा है,जीवन जीना दूभर हो गया है,गर्मी की उमस ने तो जीना मुश्किल[...]
Author: Anupama Priyadarshini
बैगलेस शनिवार -मीरा सिंह “मीरा”बैगलेस शनिवार -मीरा सिंह “मीरा”
आठ वर्षीय रामू अहले सुबह बिना किसी की आवाज लगाए स्वत: उठा ही नहीं बल्कि अपने स्कूल के जूते भी[...]
जहर – संजीव प्रियदर्शीजहर – संजीव प्रियदर्शी
सुखाराम ने बजरंगी को अपने घर बुलवाकर कहा-‘ बजरंगी भाई, इस बार कपास की खेती कर लो,चाँदी काटोगे। और हां,[...]
चरित्रहीन”-02 -श्री विमल कुमार”विनोद”चरित्रहीन”-02 -श्री विमल कुमार”विनोद”
एक गाँव में सुशीला नामक एक 20 वर्षीय औरत जिसकी शादी रामू नामक एक साधारण आदमी से हुई थी।रामू एक[...]
परंपरागत संस्कृति की झलक- श्री विमल कुमार”विनोद”परंपरागत संस्कृति की झलक- श्री विमल कुमार”विनोद”
ग्रामीण सामाजिक परंपरा एवं संस्कृति पर आधारित श्री विमल कुमार”विनोद” लिखित लघुकथा “परंपरागत संस्कृति की झलक”प्रस्तुत है।मोहन नामक एक शहर[...]
दास्तां-ए-जिन्दगी – श्री विमल कुमार”विनोद”दास्तां-ए-जिन्दगी – श्री विमल कुमार”विनोद”
सोहन नामक एक छोटा सा बालक, जिसका जन्म एक साधारण निर्धन परिवार में हुआ था।वह बालक बचपन में तो पढ़ने-लिखने[...]
दुःख में छिपा सुख- श्री विमल कुमार “विनोद” दुःख में छिपा सुख- श्री विमल कुमार “विनोद”
आज से लगभग पचास वर्ष पूर्व की बात है,किसी गाँव में एक मध्यम वर्गीय परिवार था,जिसमें परिवार के मुखिया रेलवे[...]
बेवकूफ – दयाबेवकूफ – दया
देर रात अचानक ही रामाकांत जी की तबियत बिगड़ गयी,आहट पाते ही उनका बेवकूफ बेटा उनके सामने था।माँ ड्राईवर बुलाने[...]
नमक हराम -संजीव प्रियदर्शीनमक हराम -संजीव प्रियदर्शी
‘रमेश बिल्कुल नमक हराम निकला। कितना समझाया था कि बाबूजी को घर पर रखकर उनकी अच्छी तरह देखभाल किया करना।[...]
गुरु दक्षिणा – सुधीर कुमारगुरु दक्षिणा – सुधीर कुमार
सुधीर कुमार किशनगंज बिहार। [...]