बंटी एक छोटा, चुलबुला खरगोश था जो जंगल के किनारे अपने बिल में रहता था। वह बहुत मिलनसार था, लेकिन[...]
Author: Anupama Priyadarshini
समान अवसर- रूचिकासमान अवसर- रूचिका
कक्षा से बच्चों के शोरगुल की आवाजें आ रही थी, प्रधानाध्यापक ने झांककर देखा तो कुछ बच्चे आपस में उलझ[...]
पहली कमाई – शिल्पीपहली कमाई – शिल्पी
मजदूर की माँ की दोनों आँखें नहीं है।वो अपनी पहली कमाई से माँ के लिए लाल साड़ी लेना चाहता है।[...]
सत्य का प्रकाश- सुरेश कुमार गौरवसत्य का प्रकाश- सुरेश कुमार गौरव
गाँव के एक छोटे से विद्यालय में आदर्श नाम का एक शिक्षक था, जो अपने छात्रों को सिर्फ़ किताबों का[...]
बच्चों की होली- लवली कुमारीबच्चों की होली- लवली कुमारी
अरे मुझे नहीं देखो -देखो इसे लगाओमोहन ,राजा, मीना ,गीता आज विधालय में बहुत मस्ती कर रहे थे। क्योंकि कल[...]
जोगीरा सा…रा..रा..रा- अरविंद कुमारजोगीरा सा…रा..रा..रा- अरविंद कुमार
कार्यालय में होली की छुट्टी हुई , तो मन बिजली की रफ्तार से गांव पहुंच गया । और फिर याद[...]
संध्या पाठशाला – धीरज कुमारसंध्या पाठशाला – धीरज कुमार
बात आज से लगभग तीन वर्ष पहले की है। ठंडी की शुरुआत हो चुकी थी।शादी विवाह में बजने वाला शोर[...]
कृतघ्नता – अमरनाथ त्रिवेदीकृतघ्नता – अमरनाथ त्रिवेदी
बचपन में माता-पिता से किसे प्यार नहीं होता परन्तु जब बालक वयस्क बन जाता है और उसकी शादी हो जाती[...]
परोपकार का प्रतिफल – अमरनाथ त्रिवेदीपरोपकार का प्रतिफल – अमरनाथ त्रिवेदी
अमीर लोगों को लगता है कि मैं बड़ा हूँ। अधिक पढ़े लिखे लोगों को लगता है कि मैं किसी से[...]
विश्वास जीतने का प्रतिफल- अमरनाथ त्रिवेदी विश्वास जीतने का प्रतिफल- अमरनाथ त्रिवेदी
जब विश्वास की डोर एक दूसरे के साथ बँधती है तब एक दूसरे के साथ कार्य करने की नयी संस्कृति[...]