श्री विमल कुमार”विनोद”लिखितनरेश नामक एक छोटा सा बालक जो कि बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का था जिसका जन्म एक[...]
Author: Anupama Priyadarshini
“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार
ओपनिंग दृश्य गाँव का दृश्य-बहुत सारे बच्चे-बच्चियाँ खेल रहे हैं।कुछ बच्चे गाय-बकरी चराने जा रहे हैं।इसी समय कुछ बच्चे जिनके[...]
“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”
मोनू नामक एक छोटा सा बालक जिसकी माता अपने पति के प्रताड़ना से त्रस्त होकर अपनी जीवन लीला को समाप्त[...]
बेटी की मुस्कुराहट-श्री विमल कुमार “विनोद”बेटी की मुस्कुराहट-श्री विमल कुमार “विनोद”
संक्षिप्त सार- शमशान में एक लावारिश लड़की के लाश को जलाया जा रहा है।उसी समय उस रास्ते से मोहन और[...]
तरकीब-संजीव प्रियदर्शीतरकीब-संजीव प्रियदर्शी
उस रोज मुझे रात की ट्रेन से घर लौटना था। चूंकि मैंने जाते समय ही यह सोच कर वापसी का[...]
सच्ची घटना- दया शंकर गुप्तासच्ची घटना- दया शंकर गुप्ता
शाम के 7 बजे होंगे, अंश की माँ खाना बनाकर जब बाहर के रूम में बच्चों के पास आई तो[...]
कराहती सड़कें- श्री विमल कुमार “विनोद”कराहती सड़कें- श्री विमल कुमार “विनोद”
ओपनिंग दृश्य-(गिट्टी,अलकतरा, पानी,बालू,रोड रोलर मशीन आदि सड़क पर विचार-विमर्श कर रहे हैं)गिट्टी-(अलकतरा से)अरे भाई अलकतरा तुम तो बहुत शक्तिशाली हो[...]
जीवन-संगिनी–श्री विमल कुमार “विनोद”जीवन-संगिनी–श्री विमल कुमार “विनोद”
संक्षिप्त सार-एक छोटा सा बालक जिसका नाम रामू है कि कहानी जो कि अभी अपनी शैशवावस्था की चहारदीवारी भी पार[...]
तबाही-श्री विमल कुमार “विनोद”तबाही-श्री विमल कुमार “विनोद”
कास्टिंग सीन-बचाओ,बचाओ,अरे कोई तो बचाओ,बचने का कोई भी उपाय तो बताओ।चारों ओर तबाही ही तबाही नजर आ रही है।(नेपथ्य से[...]
दुर्लभ-जल- श्री विमल कुमार”विनोद”दुर्लभ-जल- श्री विमल कुमार”विनोद”
ओपनिंग दृश्य-बहुत सारी महिलायें माथे पर घड़ा लेकर पानी लाने गाँव के बाहर पानी लाने जा रही है,लेकिन कुआँ के[...]