ध्यान (Meditation) : गिरीन्द्र मोहन झा

भारतीय योग-पद्धति, उपासना पद्धति की एक महत्वपूर्ण देन है।- ध्यान।अष्टांग योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि आते हैं।ध्यान शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के ‘ध्यै’… ध्यान (Meditation) : गिरीन्द्र मोहन झाRead more

गुरु और ज्ञान : रागिनी कुमारी

‘गुरु गृह गयउ पढ़न रघुराई, अल्प काल विद्या सब पाई। आज गोस्वामी तुलसीदास जी के जन्म एवं निर्वाण दिवस पर अनायास ही ये पक्तियाँ याद आ गई। उक्त पक्तियाँ गोस्वामी… गुरु और ज्ञान : रागिनी कुमारीRead more

कर्म और उसका फल : गिरीन्द्र मोहन झा

संस्कृत भाषा के कृ धातु में अच् प्रत्यय के योग से कर्म शब्द बना है। यत् क्रियते तत् कर्म अर्थात् जो किया जाता है, वही कर्म है।कर्म तीन प्रकार के… कर्म और उसका फल : गिरीन्द्र मोहन झाRead more

अध्यात्मिक प्रसंग स्वामी विवेकानन्द – सुधीर कुमार

क बार नरेंन्द्रनाथ ( स्वामी विवेकानन्द का बचपन का नाम ) रामकृष्ण परमहंस से मिलने के लिए दक्षिणेश्वर ( कोलकाता ) पहूँचे । कुछ देर तक बातचीत के बाद वे उनसे से काफी प्रभावित हुए । उन्होंने उनसे पूछा , ” आपने भगवान को देखा है ? ”
परमहंस जी ने उत्तर दिया ,” हाँ , देखा है और बिल्कुल वैसे ही देखा है जैसे तुम्हें देख रहा हूँ । “