देशभक्ति Archives - गद्य गुँजन

2047: मेरे सपनो का भारत-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

2047: मेरे सपनो का भारत चारों ओर खुशहाली होगी, न भ्रष्टाचार न बेरोजगारी होगी। सुंदर अपना देश बनेगा, विश्व का मार्ग प्रशस्त करेगा।          आज हमारे देश… 2047: मेरे सपनो का भारत-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”Read more

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15 अगस्त-आंचल शरण

15 अगस्त “इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना रोशनी होगी, चरागों को जलाए रखना लहू देकर की, जिसकी हिफाज़त हमने ऐसे तिरंगे को, सदा आंखों में बसाए रखना।”  … 15 अगस्त-आंचल शरणRead more

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जरा याद करो कुर्बानी-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

जरा याद करो कुर्बानी स्वतंत्रता दिवस के पावन बेला में, आओ हम शुभ काम करें। देश को सम्प्रभु बनाने में, अपना भी कुछ योगदान करें।          … जरा याद करो कुर्बानी-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’Read more

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दादी का राष्ट्रीय प्रेम-लवली कुमारी

दादी का राष्ट्रीय प्रेम           आज सुबह से ही काफी चहल-पहल थी। सबों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ रही थी क्योंकि कल 15 अगस्त… दादी का राष्ट्रीय प्रेम-लवली कुमारीRead more

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