ओपनिंग दृश्य गाँव का दृश्य-बहुत सारे बच्चे-बच्चियाँ खेल रहे हैं।कुछ बच्चे गाय-बकरी चराने जा रहे हैं।इसी समय कुछ बच्चे जिनके[...]
Category: संदेशपरक
“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”
मोनू नामक एक छोटा सा बालक जिसकी माता अपने पति के प्रताड़ना से त्रस्त होकर अपनी जीवन लीला को समाप्त[...]
तरकीब-संजीव प्रियदर्शीतरकीब-संजीव प्रियदर्शी
उस रोज मुझे रात की ट्रेन से घर लौटना था। चूंकि मैंने जाते समय ही यह सोच कर वापसी का[...]
कराहती सड़कें- श्री विमल कुमार “विनोद”कराहती सड़कें- श्री विमल कुमार “विनोद”
ओपनिंग दृश्य-(गिट्टी,अलकतरा, पानी,बालू,रोड रोलर मशीन आदि सड़क पर विचार-विमर्श कर रहे हैं)गिट्टी-(अलकतरा से)अरे भाई अलकतरा तुम तो बहुत शक्तिशाली हो[...]
दुर्लभ-जल- श्री विमल कुमार”विनोद”दुर्लभ-जल- श्री विमल कुमार”विनोद”
ओपनिंग दृश्य-बहुत सारी महिलायें माथे पर घड़ा लेकर पानी लाने गाँव के बाहर पानी लाने जा रही है,लेकिन कुआँ के[...]
नशा का लत- श्री विमल कुमार “विनोद”नशा का लत- श्री विमल कुमार “विनोद”
कथा सार-मोनू एक 12 वर्ष की आयु का लड़का जो कि सातवाँ वर्ग में पड़ता है।गाँव में शाम के समय[...]
बाल-अधिकार- श्री विमल कुमार”विनोद”बाल-अधिकार- श्री विमल कुमार”विनोद”
ओपनिंग दृश्य-(एक शिक्षक जो कि गाँव के विद्यालय में कार्यरत है,जो कि ग्रामीण को अपने बच्चों को पढ़ने के लिये[...]
“होनहार बालक” – श्री विमल कुमार”विनोद”“होनहार बालक” – श्री विमल कुमार”विनोद”
पृष्ठभूमि-मनोज एक दिन टहलते हुये गाँधी मैदान पटना पहुंचा।वहाँ उन्होंने एक बालक को एक “कागज का टुकड़ा” उठाकर पढ़ते देखा।बालक[...]
महाविनाश”-श्री विमल कुमार “विनोद”महाविनाश”-श्री विमल कुमार “विनोद”
पृष्ठभूमि-(अचानक बादल फटने की आवाज की खबर)श्याम-(चिल्लाकर)भागो-भागो, जल्दी भागो,बाढ़,बाढ़,लोग पानी में बह गये,भागो-भागो।शंकर-(आश्चर्य से)क्या हुआ भाई,यह भागो-भागो,बाढ़-बाढ़ की आवाज कहाँ[...]
“पर्यावरण की तबाही”- श्री विमल कुमार “विनोद”“पर्यावरण की तबाही”- श्री विमल कुमार “विनोद”
कास्टिंग सीन-बचाओ,बचाओ,अरे कोई तो बचाओ,बचने का कोई भी उपाय तो बताओ। चारों ओर तबाही ही तबाही नजर आ रही है।(नेपथ्य[...]