Category: संदेशपरक

Bimal Kumar

माँ का साया- श्री विमल कुमार “विनोद”माँ का साया- श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 8:27 pm

रबिया नामक एक साधारण परिवार की औरत जो कि बड़े अरमान के साथ अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को[...]

READ MOREREAD MORE
Sanjiv

असली कमाई-संजीव प्रियदर्शीअसली कमाई-संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 8:42 pm

चिलचिलाती धूप में ठेले पर ईख का रस बेचने वाले एक दिहाड़ी से मैंने पूछ लिया- ‘ दोपहर की इस[...]

READ MOREREAD MORE
Bimal Kumar

पागल कौन?” -श्री विमल कुमार”विनोद”पागल कौन?” -श्री विमल कुमार”विनोद”

0 Comments 9:14 pm

श्री विमल कुमार”विनोद”लिखितनरेश नामक एक छोटा सा बालक जो कि बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का था जिसका जन्म एक[...]

READ MOREREAD MORE
Bimal Kumar

“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार“चलो विद्यालय चलें”-श्री विमल कुमार

0 Comments 8:37 pm

ओपनिंग दृश्य गाँव का दृश्य-बहुत सारे बच्चे-बच्चियाँ खेल रहे हैं।कुछ बच्चे गाय-बकरी चराने जा रहे हैं।इसी समय कुछ बच्चे जिनके[...]

READ MOREREAD MORE
Bimal Kumar

“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”“आशियाना”-श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 8:31 pm

मोनू नामक एक छोटा सा बालक जिसकी माता अपने पति के प्रताड़ना से त्रस्त होकर अपनी जीवन लीला को समाप्त[...]

READ MOREREAD MORE
Bimal Kumar

कराहती सड़कें- श्री विमल कुमार “विनोद”कराहती सड़कें- श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 9:05 pm

ओपनिंग दृश्य-(गिट्टी,अलकतरा, पानी,बालू,रोड रोलर मशीन आदि सड़क पर विचार-विमर्श कर रहे हैं)गिट्टी-(अलकतरा से)अरे भाई अलकतरा तुम तो बहुत शक्तिशाली हो[...]

READ MOREREAD MORE
Bimal Kumar

दुर्लभ-जल- श्री विमल कुमार”विनोद”दुर्लभ-जल- श्री विमल कुमार”विनोद”

0 Comments 8:00 pm

ओपनिंग दृश्य-बहुत सारी महिलायें माथे पर घड़ा लेकर पानी लाने गाँव के बाहर पानी लाने जा रही है,लेकिन कुआँ के[...]

READ MOREREAD MORE
Bimal Kumar

नशा का लत- श्री विमल कुमार “विनोद”नशा का लत- श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 8:41 pm

कथा सार-मोनू एक 12 वर्ष की आयु का लड़का जो कि सातवाँ वर्ग में पड़ता है।गाँव में शाम के समय[...]

READ MOREREAD MORE
Bimal Kumar

बाल-अधिकार- श्री विमल कुमार”विनोद”बाल-अधिकार- श्री विमल कुमार”विनोद”

0 Comments 8:35 pm

ओपनिंग दृश्य-(एक शिक्षक जो कि गाँव के विद्यालय में कार्यरत है,जो कि ग्रामीण को अपने बच्चों को पढ़ने के लिये[...]

READ MOREREAD MORE