स्वामी विवेकानंद का आज निर्वाण दिवस है। आज ही के दिन 4 जुलाई, 1902 को उन्होंने अपने देह का त्याग[...]
कर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झाकर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झा
कहना कठिन है, कर्म पहले आया अथवा विचार? रामायण के किष्किन्धाकाण्ड में केवल विचार है, तो परिणाम कुछ नहीं, लंकाकाण्ड[...]
शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झाशुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झा
रावण के द्वारा दी गयी शिक्षा शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम्(शुभ कार्य जब मन में आए तो उसे शीघ्र कर लो,[...]
योग बिना जीवन बेकार-शशिकान्त वर्मायोग बिना जीवन बेकार-शशिकान्त वर्मा
योग बिना जीवन बेकार युग-युग की यही पुकार, योग बिना जीवन बेकार। जो नहीं योग करता, दिन-प्रतिदिन रोग गढ़ता। मोटापा,[...]
“योग “मनुष्य मात्र का जीवन लक्ष्य – रौशन वर्मा“योग “मनुष्य मात्र का जीवन लक्ष्य – रौशन वर्मा
जन ‐जन के मन में , प्रज्जवलित हो दीप योग का । रहे रोग -मुक्त मानव-समाज और कल्याण हो विश्व[...]
एक चक्कर मे योग की समझएक चक्कर मे योग की समझ
भभुआ शहर में एक प्राथमिक विद्यालय में विकास कुमार और कृष्ण कुमार नाम के दो शिक्षक पढ़ाते थे।दोनो की उम्र[...]
मैं ही देश हूँ – संजीव प्रियदर्शीमैं ही देश हूँ – संजीव प्रियदर्शी
लघुकथा शहर कई दिनों से अशांत है। लोगों में नफ़रत और भय का माहौल है।कल तक जो लोग आपस में[...]
कहानी – संस्कृति चौधरीकहानी – संस्कृति चौधरी
कहानीदरभंगा जिले में एक देवेश नाम का बालक रहता था। वह अपनी दादी से बहुत प्यार करता था। और दादी[...]
स्वभाव – मुकेश कुमार मृदुलस्वभाव – मुकेश कुमार मृदुल
लघुकथाअपने घर के बैठकखाने में टयूशन पढ रहे सात वर्ष का लडका पढने के क्रम में रुककर बोला – “अब[...]
समर्पण से शक्ति तक, पांच साल बेमिसाल – डॉ मनीष कुमारसमर्पण से शक्ति तक, पांच साल बेमिसाल – डॉ मनीष कुमार
#पांच साल बेमिसाल बिहार के शिक्षा विभाग में शिक्षकों ने स्वप्रेरणा से एक ऐसी गतिविधि से जुड़ते गए जहां से[...]