प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले : हर्ष नारायण दास

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 ईस्वी को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगॉंव में हुआ था।इनके पिता का नाम खन्दोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था।वे स्वयं… प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले : हर्ष नारायण दासRead more

रेनुअल न्यू ईयर : अरविंद कुमार

“ना अब उ सब काम नहीं करेंगे…। बिल्कुल नहीं……..। एकदम कन्ट्रोल…।” दफ्तर के बड़ा बाबू रमेश वर्मा मन ही मन बुदबुदा रहे थे। हालांकि वो हर साल नव वर्ष पर… रेनुअल न्यू ईयर : अरविंद कुमारRead more

शीशे वाली लड़की (डर से आत्मविश्वास तक की यात्रा) : अवधेश कुमार

करिश्मा नाम की एक लड़की थी, जो पढ़ाई में ठीक थी लेकिन सबके सामने बोलने से डरती थी। उसे लगता था कि लोग उसकी हंसी उड़ाएँगे। उसे करियट्ठी शब्द समाज… शीशे वाली लड़की (डर से आत्मविश्वास तक की यात्रा) : अवधेश कुमारRead more

बैड नम्बर सिक्स : अरविंद कुमार

डी.के. हॉस्पिटल पूर्णियां की दूसरी मंजिल के डायलिसिस वार्ड में मनोज नर कंकाल की तरह मोटे बेड पर लेटा हुआ था । उसके गर्दन से एक पीड़ादायक नेक लाइन बाहर… बैड नम्बर सिक्स : अरविंद कुमारRead more

कोसी क्षेत्र : नेहा कुमारी

कोसी क्षेत्र में बच्चों में नशाखोरी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिससे नौनिहाल, जो भविष्य के कर्णधार हैं, नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। यह स्थिति न… कोसी क्षेत्र : नेहा कुमारीRead more

छठ पर्व विशेष: अरविंद कुमार

।। उगिहअ..में..उगिहअ..हो.. “दीनानाथ….”” दीनानाथ..अरगअ.. के.. हो ..बेर …..”।। फिजाओं में गूंजते इस तरह के मधुर गीत के बीच जब छठ घाट पर व्रतियों की लंबी कतारें , माथे पर सिंदूर… छठ पर्व विशेष: अरविंद कुमारRead more

स्मर छठ घाट की : अरविंद कुमार

रात के दस बजे थे । दिल्ली स्टेशन पर भारी भीड़ जमा थी । ट्रेन के इंतजार में कोई सीढ़ी पर बैठा था तो कोई बेंच पर जिसे जगह नहीं… स्मर छठ घाट की : अरविंद कुमारRead more

अमर शहीद भगत सिंह : हर्ष नारायण दास

दासता की श्रृंखला में आबद्ध भारत माता को बन्धन मुक्त कराने के आत्मोत्सर्ग कर देने वाले हुतात्माओं की श्रेणी में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले अमर शहीद भगतसिंह का जन्म 28… अमर शहीद भगत सिंह : हर्ष नारायण दासRead more

स्वच्छता है जीवन का आधार, बच्चों तुम करो स्वच्छता से प्यार : नेहा कुमारी

परिचय- साफ-सफाई हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह हमारे जीवन की प्राथमिकता भी है। स्वच्छता जरूरी है क्योंकि साफ-सफाई से हम जीवन में आने वाली कई परेशानियों से… स्वच्छता है जीवन का आधार, बच्चों तुम करो स्वच्छता से प्यार : नेहा कुमारीRead more

छात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारी

आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैंने विद्यालय में योगदान लिया और सभी रसोईया, अभिवावकों ने मुझे देख कर सोचा कि ये कम उम्र की पतली दुबली लड़की… छात्रों द्वारा शिक्षक का अनुकरण : नेहा कुमारीRead more