Category: लघुकथा

Bimal Kumar

बेटी की मुस्कुराहट-श्री विमल कुमार “विनोद”बेटी की मुस्कुराहट-श्री विमल कुमार “विनोद”

0 Comments 8:57 pm

संक्षिप्त सार- शमशान में एक लावारिश लड़की के लाश को जलाया जा रहा है।उसी समय उस रास्ते से मोहन और[...]

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Bimal Kumar

पृथ्वी को बचाना-एक चुनौती पूर्ण कार्य-श्री विमल कुमार
“विनोद”पृथ्वी को बचाना-एक चुनौती पूर्ण कार्य-श्री विमल कुमार
“विनोद”

0 Comments 6:33 pm

साधारणअर्थ में पृथ्वी जिसे पर्यावरण कहा जाता है जिसका शाब्दिक अर्थ है”परि”अर्थात बाहरी तथा आवरण का अर्थ हुआ ढका हुआ।दूसरे[...]

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Sanjiv

जीत की हार-संजीव प्रियदर्शीजीत की हार-संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 3:45 pm

मनोहर अपनी बूढ़ी मां को कोर्ट के फैसले की प्रतिलिपि दिखाते हुए जरा हास मुख से बोला- ‘ मां,देखो न![...]

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