भारत के इतिहास में 2 अक्टूबर का दिन एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन देश की दो महान विभूतियों[...]
Category: आलेख
युगपुरुष महात्मा गाँधी : आशीष अम्बरयुगपुरुष महात्मा गाँधी : आशीष अम्बर
” आने वाली पीढ़ियाँ शायद मुश्किल से ही यह विश्वास कर सकेंगी कि गाँधीजी जैसा हाड़ – माँस का पुतला[...]
बच्चों की पुस्तक कैसी होनी चाहिए : मो. ज़ाहिद हुसैनबच्चों की पुस्तक कैसी होनी चाहिए : मो. ज़ाहिद हुसैन
– मो. ज़ाहिद हुसैन प्रधानाध्यापक उत्क्रमित मध्य विद्यालय मलह विगहा,चंडी,नालंदा [...]
पितृपक्ष विशेष : गिरीन्द्र मोहन झापितृपक्ष विशेष : गिरीन्द्र मोहन झा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीरामचन्द्र जी के पूर्वज राजर्षि भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार एवं कल्याण के लिए[...]
भगजोगनी : अरविंदभगजोगनी : अरविंद
जब अंधेरी रात जवान होती, तब जंगलों की खामोशियाँ गहरी हो जातीं, आसमान में बादलों का पहरा होता और ज़मीन[...]
लेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हालेखनी जिसे स्मरण किए बिना थमती नहीं : उमेश कुमार सिन्हा
लेखनी चलती है—न चाहने पर भी। कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं, जिनका स्मरण आते ही लेखनी स्वयं उनके व्यक्तित्व, कृतित्व,[...]
शिक्षक और विद्यार्थी : गिरीन्द्र मोहन झाशिक्षक और विद्यार्थी : गिरीन्द्र मोहन झा
शिक्षक के तीन प्रमुख गुण: [...]
अतीत की भूल भविष्य की चुनौती : धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअतीत की भूल भविष्य की चुनौती : धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
अतीत की भूलें और भविष्य की चुनौती: क्या हम अगली महामारी के लिए तैयार हैं? विश्व महामारी दिवस हमें मानव[...]
सुरों से संस्कार तक : नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विद्यालय की सांगीतिक चेतना की यात्रा : चंद्रकांत कुमारसुरों से संस्कार तक : नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विद्यालय की सांगीतिक चेतना की यात्रा : चंद्रकांत कुमार
“सुरों से संस्कार तक : नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में विद्यालय की सांगीतिक चेतना की यात्रा” “सा विद्या[...]
भारतीय लोकपर्व और हमारी सांस्कृतिक विरासत : नई पीढ़ी की जिम्मेदारी : आशीष अम्बरभारतीय लोकपर्व और हमारी सांस्कृतिक विरासत : नई पीढ़ी की जिम्मेदारी : आशीष अम्बर
विषय वस्तु :- भारत सांस्कृतिक विविधता वाला देश है । यहाँ की परम्पराएँ , कला , भाषा , रीति –[...]