31 दिसंबर की रात बचपन में या यों कहें कुछ वर्ष पहले तक मुझे सोने नहीं देती थी। मन उत्साह[...]
Category: विचार
चिंतन का विषय – शिक्षा व्यवस्था : ओम प्रकाशचिंतन का विषय – शिक्षा व्यवस्था : ओम प्रकाश
अंग्रेज़ी शासन काल में भारत की शिक्षा व्यवस्था को जिस उद्देश्य के साथ गढ़ा गया था, उसमें शिक्षा को व्यापक[...]
गुरु और ज्ञान : रागिनी कुमारीगुरु और ज्ञान : रागिनी कुमारी
‘गुरु गृह गयउ पढ़न रघुराई, अल्प काल विद्या सब पाई। आज गोस्वामी तुलसीदास जी के जन्म एवं निर्वाण दिवस पर[...]
शिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा में मातृभाषा की उपयोगिता : अमरनाथ त्रिवेदी
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । वह बंधनों से मुक्त होना नहीं चाहता । वह इससे जुड़कर ही अपनी कामयाबी[...]
आशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरवआशा ही जीवन है : सुरेश कुमार गौरव
जीवन एक प्रवाह है—कभी शांत, कभी उग्र; कभी सरल, तो कभी दुर्गम। इस प्रवाह के मध्य यदि कोई तत्व हमें[...]
पटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दासपटना का गोलघर-एक ऐतिहासिक स्मारक : हर्ष नारायण दास
पटना विश्व के प्राचीनतम नगरों में से एक है।अपनी ऐतिहासिक गाथा के क्रम में इस नगर के नाम कई बार[...]
शिशिर ऋतु का मध्य! : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याशिशिर ऋतु का मध्य! : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
दिसंबर के महीना! दिल्ली की ठंड। शीत लहरी! रात के 10 बज रहे थे। ऊना अपनी माँ और पापा के[...]
अंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी शिक्षा का खालीपन : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
सुरेश बहुत खुश था। पिता बनने के सुख की अनुभूति से आह्लादित वो फुले नहीं समा रहा था। बार-बार भगवान[...]
अंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याअंग्रेजी भाषा में शिक्षण की सार्थकता : डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
अंग्रेजी भाषा की यात्रा एक सामान्य पिछड़े कबीले से शुरू होकर जहां के सभ्य सुसंस्कृत कहे जाने वाले लोगों से[...]
भाषा शिक्षण में अंग्रेज़ी भाषा की सार्थकता : सुरेश कुमार गौरवभाषा शिक्षण में अंग्रेज़ी भाषा की सार्थकता : सुरेश कुमार गौरव
भूमिका: भाषा न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि संस्कृति, ज्ञान और विकास का सेतु भी है। भारत जैसे बहुभाषी[...]