भारतीय स्वतंत्रता दिवस की प्रासंगिकता भारतीय स्वतंत्रता दिवस, जो हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है, न केवल हमारे इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है, बल्कि… भारतीय स्वतंत्रता दिवस की प्रासंगिकता- नरेन्द्र कुमारRead more
स्वतंत्रता दिवस – एक महत्वपूर्ण दिवस-आशीष अम्बर
स्वतंत्रता दिवस :- एक महत्वपूर्ण दिवस ।15 अगस्त को हमारी इस मातृभूमि का पहला स्वतंत्रता दिवस था। आज जिस भूमि को हम आजाद वतन मानते हैं उसे आजाद हुए 77… स्वतंत्रता दिवस – एक महत्वपूर्ण दिवस-आशीष अम्बरRead more
Now God is Indian-Ashish Kumar Pathak
God is American, is a very popular saying, rather it was very popular saying. But now world has become bipolar or it is rather multipolar. Lots of country has emerged… Now God is Indian-Ashish Kumar PathakRead more
स्वतंत्रता दिवस पर रचनात्मक निबन्ध-राजेश कुमार सिंह
स्वतंत्रता दिवस पर रचनात्मक निबन्ध स्वतंत्रता दिवस, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हम अपनी आजादी की 77वीं वर्षगांठ मनाते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि… स्वतंत्रता दिवस पर रचनात्मक निबन्ध-राजेश कुमार सिंहRead more
विश्वगुरु भारत – मुकेश कुमार मृदुल
आलेख विश्वगुरु भारत मुकेश कुमार मृदुल हमारा देश भारत, विविध संपदाओं से परिपूर्ण एक ऐसा गौरवशाली राष्ट्र है, जिसके आगे दुनिया नतमस्तक है। इसके संबंध में जर्मनी के विश्वविख्यात विद्वान… विश्वगुरु भारत – मुकेश कुमार मृदुलRead more
ABOUT INDEPENDENCE DAY- NOORI FATMA
• Importance of Independence Day and the struggle behind it! Independence Day means day of freedom. This day was our day of independence. On this day, our country India got… ABOUT INDEPENDENCE DAY- NOORI FATMARead more
अमृता की पेंटिंग- अदिति भूषण
अमृता गाँव की सबसे होशियार और मेहनती लड़की थी। उसकी आँखों में हमेशा एक विशेष चमक रहती थी, जैसे वह कुछ बड़ा करना चाहती हो। उसके दिल में अपने देश… अमृता की पेंटिंग- अदिति भूषणRead more
स्वामी विवेकानंद के संदेश उपयोगी व ग्राह्य- गिरीन्द्र मोहन झा
स्वामी विवेकानंद का आज निर्वाण दिवस है। आज ही के दिन 4 जुलाई, 1902 को उन्होंने अपने देह का त्याग कर दिया । आज के दिन छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के… स्वामी विवेकानंद के संदेश उपयोगी व ग्राह्य- गिरीन्द्र मोहन झाRead more
कर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झा
कहना कठिन है, कर्म पहले आया अथवा विचार? रामायण के किष्किन्धाकाण्ड में केवल विचार है, तो परिणाम कुछ नहीं, लंकाकाण्ड या युद्धकाण्ड में केवल कर्म है, तो परिणाम में पतन… कर्म और विचार- गिरीन्द्र मोहन झाRead more
शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झा
रावण के द्वारा दी गयी शिक्षा शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम्(शुभ कार्य जब मन में आए तो उसे शीघ्र कर लो, अशुभ जब मन में आए तो उसे टालते चले जाओ।)… शुभस्य शीघ्रं अशुभस्य कालहरणम् -गिरीन्द्र मोहन झाRead more