“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है शिक्षा स्वयं जीवन है”- जॉन डेवी । आज हमारे देश में सच्चरित्रता की बहुत[...]
रूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बररूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बर
बात पुराने समय की है। किसी राज्य में एक बादशाह थें। उन्हें अपने राज – काज चलाने में कठिनाई हो[...]
बच्चों को सीख : रूचिकाबच्चों को सीख : रूचिका
खेल के मैदान में सारे बच्चे व्यस्त थे,एक टोली कबड्डी खेल रहा था तो दूसरी टोली खों-खों। कुछ बच्चे यूँही[...]
मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी
रमेश और सुरेश दोस्त है। दोनो ने साथ में पढ़ाई की और एक साथ पले बढ़े। दोनों आज भी सम्पर्क[...]
शिक्षक की पूंजी : नेहा कुमारीशिक्षक की पूंजी : नेहा कुमारी
आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैंने विद्यालय में योगदान लिया और सभी रसोईया, अभिवावकों ने मुझे देख[...]
वर्तमान में लोकगीत संस्कृति भूलते बच्चे : अवधेश कुमारवर्तमान में लोकगीत संस्कृति भूलते बच्चे : अवधेश कुमार
बदलते बचपन की तस्वीर – बिहार की परंपरा बनाम आधुनिकता : बिहार की संस्कृति सदियों से लोकगीतों, परंपराओं और सामूहिक[...]
अजनबी से अपनापन : रिन्जु कुमारी अजनबी से अपनापन : रिन्जु कुमारी
रवि दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर खड़ा था। भीड़ इतनी थी कि पैर रखने की जगह नहीं मिल[...]
राष्ट्रीय मतदाता दिवस : आशीष अम्बरराष्ट्रीय मतदाता दिवस : आशीष अम्बर
प्रस्तावना :- एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में लोकतंत्र ( जनता द्वारा शासन) ही शक्ति का वास्तविक स्रोत होता है । चुनाव[...]
अक्षुण्ण रहे गणतंत्र हमारा : हर्ष नारायण दासअक्षुण्ण रहे गणतंत्र हमारा : हर्ष नारायण दास
26 जनवरी को राष्ट्रीय त्योहार के दिन के रूप में जाना जाता है।इसे हमने”गणतंत्र दिवस”के नाम से विभूषित किया है।इस[...]
मैं शिक्षक कब बना ? : राकेश कुमारमैं शिक्षक कब बना ? : राकेश कुमार
( फाउंडेशन डे विशेष ) बात तो बहुत पुरानी है। माह दिसम्बर वर्ष 2006 जब मुझे शिक्षक नियुक्ति पत्र मिला[...]