Author: Aastha Deepali

भोजन की बर्बादी कैसे रोकें?- मनु कुमारीभोजन की बर्बादी कैसे रोकें?- मनु कुमारी

0 Comments 9:34 pm

किसी भी आयोजन में, चाहे शादी हो, विवाह हो, मुंडन हो या मृत्यु भोज हो, किसी भी तरह का आयोजन[...]

READ MOREREAD MORE

हिंदी में रोजगार की संभावनाएं- आशीष अम्बरहिंदी में रोजगार की संभावनाएं- आशीष अम्बर

0 Comments 2:09 pm

हिंदी हमारे देश की राजभाषा है। आज हिंदी भाषा के बढ़ते चलन और वैश्विक रूप ने रोजगार की अनेक संभावनाओं[...]

READ MOREREAD MORE

सुंदर लिखावट कला या विज्ञान- अरविंद कुमारसुंदर लिखावट कला या विज्ञान- अरविंद कुमार

0 Comments 2:00 pm

महात्मा गांधी ने कहा था खराब लिखावट अधूरी शिक्षा की निशानी है। दरअसल उनकी लिखावट अच्छी नहीं थी और इस[...]

READ MOREREAD MORE

साहसिक सफलता की कहानी-डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”साहसिक सफलता की कहानी-डॉ स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”

0 Comments 10:29 am

दिनभर की थकान के उपरांत भोजन और फिर सोने का समय।आँखों में गहरी नींद छाई हुई थी। हमसब अपने बिस्तर[...]

READ MOREREAD MORE

लोग का कही: सामाजिक परिवर्तन का संदेश- मो. ज़ाहिद हुसैनलोग का कही: सामाजिक परिवर्तन का संदेश- मो. ज़ाहिद हुसैन

0 Comments 6:43 pm

सामाजिक परिवर्तन कैसे लाया जा सकता है? सामाजिक कुरीतियों और रूढ़ियों को कैसे तोड़ा जा सकता है? इस सवाल का[...]

READ MOREREAD MORE

अकेलापन और एकांत- गिरीन्द्र मोहन झाअकेलापन और एकांत- गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 6:31 pm

अकेलापन बहिर्मुखी और एकांत अन्तर्मुखी होता है। धारावाहिक महाभारत में पितामह गंगापुत्र भीष्म का एक संवाद है, “धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में[...]

READ MOREREAD MORE

चहारदीवारी तोड़कर निकली मनीषा- नीतू रानीचहारदीवारी तोड़कर निकली मनीषा- नीतू रानी

0 Comments 6:28 pm

एक हरिजन परिवार में पली-बढ़ी मनीषा।मनीषा का सपना था जो मैं बड़ी होकर पढ़ -लिखकर कुछ बनूँ । लेकिन उसके[...]

READ MOREREAD MORE

शिक्षा और संवेदना- अरविंद कुमारशिक्षा और संवेदना- अरविंद कुमार

0 Comments 8:00 am

नित नई-नई कहानी रचता,नित नया-नया आविष्कार करता यह मानव आगे बढ़ता, सरपट चांद को छूने के पश्चात मंगल की ओर[...]

READ MOREREAD MORE

अहिंसा परम धर्म है- मनु कुमारीअहिंसा परम धर्म है- मनु कुमारी

0 Comments 4:09 pm

एक बार एक बहेलिया भगवान महावीर के पास आया और बोला-भगवन! मैं आपके धर्म में शामिल होना चाहता हूं और[...]

READ MOREREAD MORE