Author: Aastha Deepali

हमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठकहमारा व्यक्तित्व : राम किशोर पाठक

0 Comments 10:02 pm

बात आज से 27 वर्ष पूर्व की है। उस समय मोबाइल का नामोनिशान नहीं था। कम्प्यूटर की शुरुआत हो चुकी[...]

READ MOREREAD MORE

बच्चों को संस्कार दें : हर्ष नारायण दासबच्चों को संस्कार दें : हर्ष नारायण दास

0 Comments 9:57 pm

हर व्यक्ति सुख की तलाश में रहता है। कोई भी व्यक्ति दुःखी नहीं रहना चाहता है बल्कि सब सुखी ही[...]

READ MOREREAD MORE

वर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारीवर्तमान परिदृश्य में नैतिक शिक्षा का महत्व : अमृता कुमारी

0 Comments 9:53 pm

“शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं है शिक्षा स्वयं जीवन है”- जॉन डेवी । आज हमारे देश में सच्चरित्रता की बहुत[...]

READ MOREREAD MORE

रूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बररूप बड़ा या गुण : आशीष अम्बर

0 Comments 9:49 pm

बात पुराने समय की है। किसी राज्य में एक बादशाह थें। उन्हें अपने राज – काज चलाने में कठिनाई हो[...]

READ MOREREAD MORE

बच्चों को सीख : रूचिकाबच्चों को सीख : रूचिका

0 Comments 9:44 pm

खेल के मैदान में सारे बच्चे व्यस्त थे,एक टोली कबड्डी खेल रहा था तो दूसरी टोली खों-खों। कुछ बच्चे यूँही[...]

READ MOREREAD MORE

मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी मास्टर साहब : डॉ स्नेहलता द्विवेदी 

0 Comments 9:37 pm

रमेश और सुरेश दोस्त है।  दोनो ने साथ में पढ़ाई की और एक साथ पले बढ़े।  दोनों आज भी सम्पर्क[...]

READ MOREREAD MORE

शिक्षक की पूंजी : नेहा कुमारीशिक्षक की पूंजी : नेहा कुमारी

0 Comments 9:30 pm

आज भी याद है मुझे वो दिन जब मैंने विद्यालय में योगदान लिया और सभी रसोईया, अभिवावकों ने मुझे देख[...]

READ MOREREAD MORE

वर्तमान में लोकगीत संस्कृति भूलते बच्चे  : अवधेश कुमारवर्तमान में लोकगीत संस्कृति भूलते बच्चे  : अवधेश कुमार

0 Comments 11:03 pm

बदलते बचपन की तस्वीर – बिहार की परंपरा बनाम आधुनिकता :  बिहार  की संस्कृति सदियों से लोकगीतों, परंपराओं और सामूहिक[...]

READ MOREREAD MORE

अजनबी से अपनापन : रिन्जु कुमारी अजनबी से अपनापन : रिन्जु कुमारी 

0 Comments 10:09 pm

रवि दिल्ली जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर खड़ा था। भीड़ इतनी थी कि पैर रखने की जगह नहीं मिल[...]

READ MOREREAD MORE

राष्ट्रीय मतदाता दिवस : आशीष अम्बरराष्ट्रीय मतदाता दिवस : आशीष अम्बर

0 Comments 8:22 pm

प्रस्तावना :- एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में लोकतंत्र ( जनता द्वारा शासन) ही शक्ति का वास्तविक स्रोत होता है । चुनाव[...]

READ MOREREAD MORE